अंकुर वारिकू: 33 लाख की नौकरी, 600 करोड़ का स्टार्टअप छोड़ा, 40 की उम्र में रीस्टार्ट कर कमा रहे लाखों

Ankur Warikoo ki safalta ki kahani: Corporate job chhodkar content creator bane

नई दिल्ली: सफलता की कोई तय परिभाषा नहीं होती, और ना ही इसका कोई सीधा रास्ता। यह सिर्फ स्पष्ट दृष्टिकोण (clear vision) और अथक परिश्रम (hard work) की मांग करती है। भारतीय उद्यमिता और कंटेंट क्रिएशन (content creation) के क्षेत्र में एक जाना-पहचाना नाम अंकुर वारिकू ने इस बात को अपने जीवन में पूरी तरह से चरितार्थ किया है। 40 साल की उम्र में एक बार फिर शून्य से शुरुआत करने वाले वारिकू ने हाल ही में साझा किया कि कैसे 'सुरक्षित रास्तों' को छोड़ना उनके जीवन का सबसे बेहतरीन फैसला साबित हुआ। उनकी यह कहानी उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो अपने करियर में जोखिम लेने से कतराते हैं या बदलाव की तलाश में हैं।

एक साधारण शुरुआत से असाधारण यात्रा

अंकुर वारिकू के करियर की शुरुआत बेहद मामूली थी, जब उनकी पहली मासिक सैलरी (salary) महज 14,746 रुपये थी। उनके जीवन का सबसे निर्णायक मोड़ तब आया जब उन्होंने अमेरिका की मिशिगन स्टेट यूनिवर्सिटी (Michigan State University) में अपने 'फुली फंडेड' पीएचडी प्रोग्राम (fully funded PhD program) को छोड़ने का साहसी कदम उठाया। भविष्य की अनिश्चितताओं के बावजूद, उन्होंने 14.5 लाख रुपये की भारी-भरकम फीस चुकाकर इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (Indian School of Business - ISB) से एक साल का एमबीए (MBA) करने का फैसला किया। इसी बड़े जोखिम के साथ उन्होंने कॉर्पोरेट जगत (corporate world) में अपनी औपचारिक और सफल एंट्री (entry) की।

भारत लौटने के बाद, उन्हें एक प्रतिष्ठित कंसल्टिंग फर्म (consulting firm) में 33 लाख रुपये सालाना के पैकेज (package) वाली नौकरी मिली। यह एक सुरक्षित और उच्च-भुगतान वाली स्थिति थी, लेकिन अंकुर वारिकू ने स्टार्टअप (startup) की अनिश्चित दुनिया में कदम रखने के लिए इस आकर्षक अवसर को भी अलविदा कह दिया। उनका मानना था कि असली सफलता पारंपरिक रास्तों से हटकर ही मिलती है।

600 करोड़ का स्टार्टअप छोड़ा, 40 की उम्र में किया रीस्टार्ट

अंकुर वारिकू ने अपने उद्यमशीलता के सफर (entrepreneurial journey) में कई कारोबार में हाथ आजमाया। ISB से एमबीए करते समय, उन्होंने अपने बैच के साथियों के साथ secondshaadi.com से पहली शुरुआत की। नौकरी छोड़ने के बाद, उन्होंने कुछ वर्षों तक ऑटोमोबाइल (automobile), शिक्षा (education) और फाइनेंस (finance) जैसे सेक्टर (sector) में विभिन्न वेबसाइटों के डिजाइन (design) का काम किया। उनकी शुरुआती सफलताओं में से एक Gaadi.com थी, जिसे बाद में goibibo.com को बेच दिया गया।

इन सफलताओं के बाद, अंकुर ने ग्रुपन (Groupon) के साथ भारत में फाउंडर-सीईओ (Founder-CEO) के रूप में हाथ मिलाया। साल 2015 में, उन्होंने सिकोइया कैपिटल (Sequoia Capital) के साथ ग्रुपन से भारत के कारोबार की प्रमुख हिस्सेदारी खरीदी और इसे एक नए स्वतंत्र स्टार्टअप 'नियरबाय' (Nearbuy) के रूप में शुरू किया। नियरबाय ने रेस्तरां (restaurants), स्पा (spa), पेय (beverages) और अन्य लोकल बिजनेस (local businesses) के साथ ग्राहकों को आकर्षक डील (deals) प्रदान करना शुरू किया। सफलता की ऊंचाइयों को छूते हुए, उन्होंने एक स्टार्टअप खड़ा किया जिसकी वैल्यू (valuation) 600 करोड़ रुपये थी। लेकिन 40 साल की उम्र में, जब अधिकांश लोग रिटायरमेंट (retirement) या स्थिरता की सोचते हैं, उन्होंने इस स्टार्टअप से खुद को अलग कर लिया और साल 2019 में सीईओ का पद छोड़कर कंटेंट क्रिएटर के रूप में बिल्कुल नए सिरे से अपना करियर शुरू किया।

सफलता की नई परिभाषा: आज लाखों की कमाई

आज, अंकुर वारिकू सेल्फ-एम्प्लॉयड (self-employed) हैं। वह एक सफल उद्यमी, लोकप्रिय कंटेंट क्रिएटर और प्रेरक वक्ता (motivational speaker) हैं। इसके अतिरिक्त, वह निवेश (investment) से लेकर स्टार्टअप पर सलाह-सुझाव (consultation) और फंडिंग (funding) भी देते हैं। हाल ही में, नवंबर 2024 में एक्स (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट के जरिए उन्होंने अपनी वर्तमान आय का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि उनकी सालाना सैलरी 50 लाख रुपये है, जबकि उनका वार्षिक खर्च 20 से 25 लाख रुपये के बीच है। यह दर्शाता है कि एक पारंपरिक कॉर्पोरेट करियर से हटकर भी बड़ी वित्तीय सफलता हासिल की जा सकती है, बशर्ते व्यक्ति में जोखिम लेने का साहस और अपने जुनून को आगे बढ़ाने की इच्छाशक्ति हो।

अंकुर वारिकू की कहानी इस बात का प्रमाण है कि जीवन में कभी भी "रीस्टार्ट" (restart) करने में देर नहीं होती। उनका सफर न केवल वित्तीय स्वतंत्रता बल्कि करियर की संतुष्टि और व्यक्तिगत विकास के लिए पारंपरिक सोच को चुनौती देता है। यह उन सभी के लिए एक शक्तिशाली संदेश है जो अपने सपनों को पूरा करने के लिए सुरक्षित रास्ते छोड़ने से डरते हैं।

*Image is AI-generated and used for representational purposes only.

एक टिप्पणी भेजें