वियतनाम, जिसने 2045 तक एक उच्च-आय वाला देश बनने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है, वैश्विक आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान में सक्रिय रूप से भाग ले रहा है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए देश में विदेशी निवेश में निरंतर वृद्धि हो रही है, हरित परिवर्तन (green transformation) और सतत विकास (sustainable development) की मांग बढ़ रही है, और वियतनामी संस्कृति को विश्व स्तर पर बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसी पृष्ठभूमि में, युवाओं के बीच अंतरराष्ट्रीय अध्ययन (International Studies) की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है, जो उन्हें वैश्विक करियर के लिए तैयार करता है।
जैसे-जैसे अधिक से अधिक अंतरराष्ट्रीय व्यवसाय (international businesses) वियतनाम में अपने बाजारों का विस्तार कर रहे हैं, और कई संगठन वैश्विक बाजार (global market) से जुड़ रहे हैं, बहुसांस्कृतिक वातावरण (multicultural environment) में काम करने में सक्षम, अंतरराष्ट्रीय संदर्भ (international context) को समझने और नए मानकों के अनुकूल होने वाले कर्मियों की आवश्यकता तेजी से जरूरी होती जा रही है। भविष्य में कई नौकरियों के लिए वैश्विक सोच (global thinking), संचार कौशल (communication skills) और अंतरराष्ट्रीय संदर्भ में समस्याओं का विश्लेषण और समाधान (problem-solving) करने की क्षमता की आवश्यकता होगी। यही कारण है कि भाषाओं, संस्कृतियों और वैश्विक मुद्दों से संबंधित अकादमिक क्षेत्र (academic field), जैसे कि अंतरराष्ट्रीय अध्ययन, की मांग लगातार बढ़ रही है।
अंतरराष्ट्रीय अध्ययन: वैश्विक दक्षता का द्वार
अंतरराष्ट्रीय अध्ययन केवल एक ऐसा विषय नहीं है जो विश्व के बारे में हमारी समझ को व्यापक बनाता है, बल्कि यह भाषा, संस्कृति, समाज और लोगों से संबंधित वैश्विक मुद्दों के प्रति एक दृष्टिकोण भी है। आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (OECD) इसे वैश्विक क्षमता (global competence) कहता है - स्थानीय, वैश्विक और अंतरसांस्कृतिक मुद्दों पर विचार करने, प्रभावी ढंग से संवाद करने और साझा सतत विकास के लिए कार्य करने की क्षमता।
आज के समय में कई संगठनों की ज़रूरतों के लिए यह दृष्टिकोण तेज़ी से प्रासंगिक होता जा रहा है, चाहे वे अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियां (international agencies) हों, गैर-सरकारी संगठन (NGOs) हों या घरेलू और बहुराष्ट्रीय निगम (domestic and multinational corporations) हों। बिज़नेस स्वीडन (Business Sweden) की प्रबंधन सलाहकार (management consultant) सुश्री क्वान थू हुएन ने बताया, "अंतरराष्ट्रीय कार्य वातावरण में, विदेशी भाषा कौशल (foreign language skills) सबसे बुनियादी चीज़ है। सबसे बड़ी आवश्यकता संदर्भ को समझने, सभी पक्षों की ज़रूरतों को जानने और उन्हें प्रभावी ढंग से मिलकर काम करने में मदद करने की क्षमता में निहित है।"
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इसलिए, विदेशी भाषाओं पर अच्छी पकड़ रखने वाले, संस्कृति से प्रेम करने वाले या सामाजिक और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों में रुचि रखने वाले छात्रों के लिए, अंतरराष्ट्रीय अध्ययन एक अधिक लचीला मार्ग प्रदान करता है। यह न केवल भाषा विकास को बढ़ावा देता है बल्कि सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों की गहरी समझ, विश्लेषणात्मक कौशल (analytical skills), अनुसंधान क्षमता, संचार कौशल और विभिन्न व्यावसायिक संदर्भों (professional contexts) में काम करने की क्षमता को भी विकसित करता है। यह स्नातक स्तर की पढ़ाई पूरी करने के बाद कई करियर विकल्पों (career options) का आधार भी बनता है, जैसे: अनुवाद और व्याख्या (translation and interpretation), सामुदायिक परियोजना विकास (community project development), संचार, जनसंपर्क (public relations), अंतरराष्ट्रीय सहयोग (international cooperation), या सीमाओं के पार काम करने वाले व्यवसायों और संगठनों में भूमिका निभाना।
आरएमआईटी वियतनाम में नया अंतरराष्ट्रीय अध्ययन कार्यक्रम
अक्टूबर 2026 से, आरएमआईटी वियतनाम (RMIT Vietnam) में बैचलर ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज (Bachelor of International Studies) कार्यक्रम शुरू होगा। यह कार्यक्रम आरएमआईटी ऑस्ट्रेलिया (RMIT Australia) की अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक नींव (international academic foundation) पर आधारित है, जिसमें वियतनामी संदर्भ और स्थानीय कार्यबल (local workforce) की आवश्यकताओं की समझ को भी शामिल किया गया है।
आरएमआईटी वियतनाम में विदेश मामलों की उप महा निदेशक जोडी अल्तान (Jodie Altan) ने कहा, "ऐसी दुनिया में जहां अर्थव्यवस्था (economy), प्रौद्योगिकी (technology), सतत विकास और वैश्विक संबंध (global relations) तेजी से परस्पर जुड़ रहे हैं, कार्यबल की आवश्यकताएं भी बदल रही हैं। संगठनों को न केवल उच्च कुशल पेशेवरों की आवश्यकता है, बल्कि ऐसे व्यक्तियों की भी आवश्यकता है जो अंतरराष्ट्रीय संदर्भों को समझ सकें और उनके अनुकूल ढल सकें, विभिन्न संस्कृतियों में काम कर सकें और जटिल समस्याओं का समाधान कर सकें।"
आरएमआईटी वियतनाम में, बैचलर ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज कार्यक्रम को एक अंतर्विषयक कार्यक्रम (interdisciplinary program) के रूप में संरचित किया गया है, जो लचीले ढांचे के भीतर भाषाओं, सामाजिक विज्ञानों (social sciences) और वैश्विक मुद्दों को जोड़ता है। इसमें तीन मुख्य विशेषज्ञताएं (specializations) हैं: भाषा और अंतर्राष्ट्रीय संबंध, विकास और सामाजिक न्याय, और अनुवाद और व्याख्या। इसके अतिरिक्त, छात्र जापानी भाषा, एशियाई मीडिया और संस्कृति, और जनसंपर्क जैसी लघु विशेषज्ञताओं (minor specializations) के साथ अपने विकल्पों को व्यापक बना सकते हैं।
आरएमआईटी वियतनाम में अंतरराष्ट्रीय अध्ययन विभाग की प्रमुख डॉ. ले ज़ुआन क्विन्ह (Dr. Le Xuan Quynh) ने कहा, "छात्रों को अंतरराष्ट्रीय करियर के लिए आवश्यक योग्यताओं से लैस किया जाएगा, जिसमें समाज, संस्कृति और दुनिया के कामकाज की बुनियादी जानकारी; प्रमुख और गौण विषयों में गहन विशेषज्ञता; और विभिन्न कार्य वातावरणों के अनुकूल हस्तांतरणीय कौशल शामिल हैं।" पाठ्यक्रम पूरी तरह से अंग्रेजी में पढ़ाया जाता है, जिसमें विविध छात्र समुदाय और 40 से अधिक देशों के संकाय सदस्य शामिल हैं। छात्र विनिमय (student exchange) और स्थानांतरण (transfer) के अवसर भी प्रदान किए जाते हैं।
यह घटनाक्रम दर्शाता है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में वियतनाम जैसे विकासशील देशों की बढ़ती भागीदारी के साथ, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्षम पेशेवरों की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। अंतरराष्ट्रीय अध्ययन कार्यक्रम छात्रों को न केवल अकादमिक ज्ञान प्रदान करते हैं, बल्कि उन्हें वैश्विक नागरिक बनने और विभिन्न संस्कृतियों और भाषाओं के बीच सेतु का काम करने के लिए आवश्यक कौशल और दृष्टिकोण से भी लैस करते हैं। यह प्रवृत्ति भारतीय छात्रों के लिए भी प्रासंगिक है जो वैश्विक करियर के अवसरों की तलाश में हैं और चाहते हैं कि वे एक बहुध्रुवीय दुनिया में सफल हों। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से, युवा पीढ़ी भविष्य की चुनौतियों का सामना करने और वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए बेहतर ढंग से तैयार हो सकती है।
*Image is AI-generated and used for representational purposes only.