बजट 2026-27 में भारत सरकार ने एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (AVGC) सेक्टर को अभूतपूर्व बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। केंद्रीय बजट 2026-27 में घोषित एक महत्वाकांक्षी योजना के तहत, देश भर के 15,000 माध्यमिक विद्यालयों और 500 कॉलेजों में AVGC कंटेंट क्रिएटर लैब्स (CCL) स्थापित किए जाएंगे। इस पहल के लिए 250 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जिसका उद्देश्य भारत को कंटेंट क्रिएशन (Content Creation) का वैश्विक केंद्र बनाना है। यह कदम न केवल युवाओं को नए कौशल सीखने का अवसर देगा, बल्कि देश की 'ऑरेंज इकोनॉमी' (Orange Economy) को भी मजबूती प्रदान करेगा, जैसा कि सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने संसद को बताया।
यह योजना भारत के तेजी से बढ़ते मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र (Media and Entertainment Sector) के लिए एक गेम-चेंजर साबित हो सकती है। सरकार की दूरदृष्टि भारत को एक ऐसे मंच के रूप में स्थापित करने की है जहाँ विश्व स्तरीय कंटेंट का निर्माण हो सके। इस दिशा में, भारतीय रचनात्मक प्रौद्योगिकी संस्थान (IICT), मुंबई को कंटेंट क्रिएटर्स लैब्स की योजना, समन्वय और चरणबद्ध कार्यान्वयन के लिए नोडल एजेंसी (Nodal Agency) नामित किया गया है। IICT जुलाई 2025 से मुंबई स्थित अपने राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम (NFDC) परिसर से AVGC-XR सेक्टर के लिए राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (NCOE) के रूप में भी संचालित हो रहा है। वर्तमान में, यहाँ 18 पाठ्यक्रम चल रहे हैं, जिनमें 136 छात्र नामांकित हैं, और 15 प्रतिभागियों ने 'ट्रेन-द-ट्रेनर' (Train-the-Trainer) कार्यक्रम पूरा कर लिया है, जो इस क्षेत्र में कुशल प्रशिक्षकों की कमी को पूरा करने में सहायक होगा।
Similar Posts
- भारत की पहली डिजिटल जनगणना: राष्ट्रपति, पीएम, गृहमंत्री ने भरा ऑनलाइन फॉर्म, जानिए कैसे करें स्व-गणना
- अंतरराष्ट्रीय अध्ययन: वैश्विक करियर का नया रास्ता, वियतनाम में बढ़ती मांग और RMIT का नया कार्यक्रम
- शेयर बाजार में तेजी: युद्ध खत्म होने के संकेत से झूमा बाजार, सेंसेक्स 1325 अंक उछला
- मार्च में जीएसटी कलेक्शन 2 लाख करोड़ के पार: मजबूत अर्थव्यवस्था का संकेत
- नया आयकर कानून 2025 आज से लागू: 65 साल पुराना एक्ट हुआ इतिहास, जानिए सभी बड़े बदलाव
सरकार की इस पहल को अन्य सहायक कार्यक्रमों से भी बल मिल रहा है। वर्ल्ड ऑडियो विजुअल एंड एंटरटेनमेंट समिट (WAVEA) के तहत शुरू किया गया वेवएक्स स्टार्टअप एक्सेलेरेटर प्रोग्राम (WaveX Startup Accelerator Program) मीडिया-टेक स्टार्टअप्स (Media-Tech Startups) को संरचित इनक्यूबेशन (Incubation), मेंटरशिप (Mentorship) और वैश्विक नेटवर्क (Global Network) तक पहुंच प्रदान करता है। इस कार्यक्रम के पहले बैच के स्टार्टअप्स को उद्योग विशेषज्ञों से मार्गदर्शन, निवेशकों (Investors) से संपर्क और बौद्धिक संपदा (Intellectual Property) के निर्माण व संरक्षण में सहायता जैसे महत्वपूर्ण अवसर मिले हैं। यह प्रोग्राम स्टार्टअप्स को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भागीदारी और वैश्विक बाजारों के साथ एकीकरण (Integration) की सुविधा भी प्रदान करता है।
इसके अतिरिक्त, क्रिएट इन इंडिया चैलेंज (CIC) को मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र में रचनात्मक प्रतिभाओं को पहचानने, पोषित करने और प्रदर्शित करने के लिए एक राष्ट्रीय मंच के रूप में उपयोग किया जा रहा है। सीआईसी के पहले सीजन में, उद्योग भागीदारों के सहयोग से 33 चुनौतियाँ (Challenges) आयोजित की गईं, जिसका समापन वेव्स 2025 (WAVES 2025) शिखर सम्मेलन में हुआ। इस शिखर सम्मेलन में देश के टियर-II और टियर-III शहरों सहित एक लाख से अधिक क्रिएटर्स (Creators) ने भाग लिया। चयनित क्रिएटर्स को वेवएक्स और वेव्स बाजार जैसे प्लेटफॉर्म के माध्यम से राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर अपने कंटेंट को प्रस्तुत करने के लिए सहायता प्रदान की जा रही है। मुंबई में आयोजित विश्व ऑडियो विजुअल और मनोरंजन शिखर सम्मेलन (WAVES 2025) "भारत में सृजन करें, विश्व के लिए सृजन करें" (Create in India, Create for the World) पहल के अनुरूप था, जिसने भारतीय क्रिएटर्स, निर्माताओं और स्टार्टअप्स को 100 से अधिक देशों के वैश्विक खरीदारों, निवेशकों, ओटीटी प्लेटफॉर्म (OTT Platforms) और प्रौद्योगिकी क्षेत्र के अग्रणी लोगों के साथ जुड़ने का अवसर दिया।
AVGC सेक्टर: भविष्य की अर्थव्यवस्था का आधार
AVGC सेक्टर में यह निवेश और नीतियां भारत के आर्थिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देती हैं। 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब्स की स्थापना से ग्रासरूट स्तर पर प्रतिभाओं की पहचान और उनका पोषण होगा। यह न केवल शहरी बल्कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के छात्रों को भी डिजिटल कौशल और रचनात्मक उद्योगों में करियर बनाने के लिए प्रेरित करेगा। यह पहल भारत को आउटसोर्सिंग (Outsourcing) हब से कंटेंट क्रिएशन के एक प्रमुख केंद्र के रूप में बदलने की क्षमता रखती है। दीर्घकालिक रूप से, यह लाखों रोजगार के अवसर पैदा करेगा, नवाचार को बढ़ावा देगा और भारत की सांस्कृतिक विविधता को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का एक नया माध्यम प्रदान करेगा। 'ऑरेंज इकोनॉमी' को सुदृढ़ करने का लक्ष्य बताता है कि सरकार कला, संस्कृति और रचनात्मकता को आर्थिक विकास के इंजन के रूप में देख रही है।
सरकार द्वारा शुरू की गई ये पहलें भारत को वैश्विक AVGC बाजार में एक मजबूत दावेदार के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं। शिक्षा, प्रौद्योगिकी और उद्योग के बीच तालमेल से एक ऐसा पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) तैयार होगा जो न केवल घरेलू खपत के लिए बल्कि वैश्विक निर्यात के लिए भी उच्च गुणवत्ता वाले कंटेंट का निर्माण कर सकेगा। यह निवेश भारत की युवा शक्ति और रचनात्मक क्षमता को सही दिशा में मोड़ने का एक सशक्त प्रयास है, जिससे आने वाले वर्षों में देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाया जा सकेगा।
*Image is AI-generated and used for representational purposes only.