देश भर में तंदूर की तरह तप रहा देश, AC में भी नहीं मिल रही राहत; क्या 50 डिग्री के पार जाएगा पारा?
भारत में इस समय भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है, और अप्रैल का महीना खत्म होने से पहले ही देश के कई हिस्से 'तंदूर की तरह तप रहे' हैं। मौजूदा हालात ऐसे हैं कि दुनिया के 100 सबसे गर्म शहरों में से 98 भारत के हैं, जो इस बात का स्पष्ट संकेत है कि आसमान से आग बरस रही है। उत्तर भारत से लेकर मध्य और दक्षिण भारत तक, सूरज ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। देश के ज्यादातर राज्यों में पारा 42 डिग्री से 47.3 डिग्री सेल्सियस के बीच झुलसा रहा है। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान में तो स्थिति यह है कि लोग गर्मी से अपनी जान बचाने के लिए सिर ढककर, नीबू पानी, बेल का शर्बत और इलेक्ट्राल/ORS का घोल बोतलों में लेकर चल रहे हैं, फिर भी गला सूख रहा है।
प्रचंड गर्मी का कहर: रेड अलर्ट और रिकॉर्ड तोड़ तापमान
मौसम वैज्ञानिक डॉक्टर नरेश ने मौजूदा स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि पूरे नॉर्थ-वेस्ट (North-West) और सेंट्रल इंडिया (Central India) में 'हीट वेव कंडीशन' (Heat Wave Condition) बनी हुई है। गुजरात और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' (Orange Alert) जारी किया गया है, जहां भीषण लू के साथ 'वार्म नाइट कंडीशन' (Warm Night Condition) भी देखी जा रही है। वहीं, पूरे नॉर्थ इंडिया (North India) और वेस्ट इंडिया (West India) के लिए 'येलो अलर्ट' (Yellow Alert) जारी है।
गर्मी का आलम यह है कि महाराष्ट्र का अकोला रविवार को देश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां तापमान 47 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया। इसके बाद उत्तर प्रदेश का बांदा 46.6 डिग्री सेल्सियस के साथ दूसरे नंबर पर रहा। राजस्थान के बाड़मेर में पारा 46.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मध्य प्रदेश के खजुराहो में पहली बार पारा 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा, जबकि इंदौर में 6 साल और भोपाल में 3 साल का रिकॉर्ड टूट चुका है। उज्जैन में भी 43 डिग्री सेल्सियस के साथ सीजन (Season) का सबसे गर्म दिन दर्ज हुआ। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि राजस्थान से आने वाली गर्म हवाओं ने रातों की नींद भी छीन ली है, क्योंकि रात का तापमान भी सामान्य से काफी ऊपर बना हुआ है।
इस भीषण गर्मी का असर केवल इंसानों पर ही नहीं, बल्कि बेजुबान जानवरों पर भी पड़ रहा है। छत्रपति संभाजीनगर में वन्यजीवों को गर्मी से राहत देने के लिए दिन में चार बार नहलाया जा रहा है। वहीं, सड़कों का डामर भी पिघलने लगा है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
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स्कूल बंद, स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव और आगे की चेतावनी
भीषण गर्मी के कारण कई राज्यों में प्रशासन को कड़े कदम उठाने पड़े हैं। उत्तर प्रदेश के 60 जिलों में 'लू' का 'रेड अलर्ट' (Red Alert) जारी किया गया है। नोएडा और गाजियाबाद में नर्सरी से 8वीं तक के सभी स्कूलों का समय बदलकर सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक कर दिया गया है, ताकि बच्चों को 'डिहाइड्रेशन' (Dehydration) और लू से बचाया जा सके। भोपाल में नर्सरी से 8वीं तक के स्कूलों को 30 अप्रैल तक बंद कर दिया गया है, और देहरादून में भी आंगनबाड़ी से लेकर 12वीं तक के स्कूल बंद हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं पर भी गर्मी का दबाव बढ़ गया है। उत्तर प्रदेश के महराजगंज में सरकारी अस्पतालों में उल्टी, दस्त और 'डिहाइड्रेशन' के मरीजों की तादाद में 40 फीसदी तक का इजाफा हुआ है। जिला अस्पताल में 6 बेड का स्पेशल 'हीट वेव वार्ड' (Heat Wave Ward) आरक्षित किया गया है। डॉक्टर बासी भोजन और दूषित पानी से बचने की सलाह दे रहे हैं। बलिया में गर्मी से निपटने के लिए 42 'वेदर सेंसर' (Weather Sensor) लगाए गए हैं, जो पल-पल का डेटा 'कंट्रोल रूम' (Control Room) को भेज रहे हैं, ताकि तापमान बढ़ने पर 'पीएचसी' (PHC) और जिला अस्पतालों को तुरंत अलर्ट किया जा सके। दुखद खबर बिहार के आरा से आई है, जहां भीषण गर्मी ने एक निजी स्कूल की महिला कर्मी की जान ले ली। बिहार के 11 जिलों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार है।
हिमाचल प्रदेश के मैदानी इलाकों में भी गर्मी का प्रकोप है, जहां पांच जिलों- ऊना, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और सोलन के कुछेक क्षेत्रों में 'हीटवेव' का 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है। हमीरपुर में पानी की मांग तेजी से बढ़ी है, जिसके चलते जल शक्ति विभाग के 'चीफ इंजीनियर' (Chief Engineer) ने कर्मचारियों को जनता की कॉल को नजरअंदाज न करने के कड़े निर्देश दिए हैं। राजस्थान के बाड़मेर में मजदूर और किसान आसमान से बरसती आग के बीच काम करने को मजबूर हैं।
मौसम विभाग की ओर से अभी तक 50 डिग्री सेल्सियस पार करने की कोई खुली और स्पष्ट चेतावनी जारी नहीं की गई है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियां बेहद चुनौतीपूर्ण हैं। अगले 4 से 5 दिनों तक राहत की कोई उम्मीद नहीं है और सूरज के तेवर और तीखे होने की संभावना है। ऐसे में तपती गर्मी में बाहर निकलने से पहले सावधानी बरतना अत्यंत आवश्यक है। लोगों को पर्याप्त पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और अनावश्यक रूप से धूप में निकलने से बचने की सलाह दी जाती है।
*Image is AI-generated and used for representational purposes only.