राघव चड्ढा की सुरक्षा में बड़ा बदलाव: पंजाब सरकार ने वापस ली सिक्योरिटी, केंद्र ने दी जेड सिक्योरिटी
आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा की सुरक्षा व्यवस्था (security arrangement) को लेकर एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार ने राघव चड्ढा को दी गई सुरक्षा वापस ले ली है. इस फैसले के तुरंत बाद, केंद्र सरकार (Central Government) ने हस्तक्षेप करते हुए उन्हें देशव्यापी उच्च-स्तरीय सुरक्षा कवच प्रदान किया है. सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) ने यह निर्णय इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) की थ्रेट परसेप्शन रिपोर्ट (threat perception report) के आधार पर लिया है, जिसमें चड्ढा की जान को खतरे का अंदेशा जताया गया था.
नये सुरक्षा इंतजामों के तहत, राघव चड्ढा को दिल्ली और पंजाब में अति विशिष्ट 'जेड श्रेणी' (Z category) की सुरक्षा मिलेगी. वहीं, देश के बाकी हिस्सों में यात्रा करने पर उनके पास 'वाई प्लस' (Y Plus) सुरक्षा कवर रहेगा. यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है जब राघव चड्ढा और उनकी पार्टी की शीर्ष लीडरशिप के बीच कथित तौर पर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा था.
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सुरक्षा वापस लेने के पीछे का राजनीतिक घटनाक्रम
राघव चड्ढा को पंजाब में आप सरकार बनने के बाद 2022 में सुरक्षा मुहैया कराई गई थी. हालांकि, हाल के दिनों में पार्टी के भीतर उनकी स्थिति में बदलाव देखा गया. आम आदमी पार्टी ने हाल ही में उन्हें राज्यसभा में पार्टी के उपनेता (Deputy Leader) के पद से हटा दिया और सदन में बोलने पर भी रोक लगा दी थी. उनकी जगह पार्टी ने अशोक मित्तल को राज्यसभा में उपनेता नियुक्त किया है.
पार्टी सूत्रों के अनुसार, शीर्ष नेतृत्व (top leadership) दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और संजय सिंह जैसे बड़े नेताओं की गिरफ्तारी के समय राघव चड्ढा की चुप्पी से नाराज था. हालांकि, उस समय उनके समर्थकों ने दलील दी थी कि वह अपनी आंखों के इलाज के लिए विदेश (foreign country) गए हुए थे. लेकिन, नेताओं के जेल से बाहर आने के बाद भी राघव चड्ढा ने पार्टी गतिविधियों में कोई खास उत्साह नहीं दिखाया, जिससे दरार और गहरी हो गई.
जेड सिक्योरिटी (Z Security) और राघव चड्ढा की प्रतिक्रिया
केंद्र सरकार द्वारा दी गई जेड श्रेणी की सुरक्षा एक अत्यंत उच्च-स्तरीय सुरक्षा कवच है. इस घेरे में आम तौर पर 22 सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं. इनमें 4 से 6 नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) कमांडो के साथ-साथ दिल्ली पुलिस, आईटीबीपी (ITBP), या सीआरपीएफ (CRPF) के जवान और स्थानीय पुलिसकर्मी भी शामिल होते हैं.
पद से हटाए जाने और बोलने पर रोक लगाने के बाद राघव चड्ढा ने बागी तेवर अपनाते हुए कई वीडियो जारी किए थे. उन्होंने इन कार्रवाइयों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि "मुझे खामोश किया जा सकता है, लेकिन हराया नहीं गया." राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पंजाब सरकार द्वारा सुरक्षा वापस लेना और फिर केंद्र द्वारा तत्काल सुरक्षा प्रदान करना, राज्य और केंद्र के बीच जारी राजनीतिक खींचतान (political tussle) और आम आदमी पार्टी के आंतरिक संकट को और उजागर करता है.
*Image is AI-generated and used for representational purposes only.