तेजस फाइटर जेट अगले बुधवार से फिर भरेगा उड़ान, दो महीने बाद बेड़ा होगा सक्रिय: सुरक्षा समीक्षा पूरी

भारतीय वायुसेना का स्वदेशी तेजस फाइटर जेट उड़ान भरते हुए

भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। भारत का स्वदेशी तेजस फाइटर जेट (Tejas Fighter Jet) का पूरा बेड़ा, जो पिछले दो महीनों से जमीन पर खड़ा था, अब अगले बुधवार से फिर से उड़ान भरने को तैयार है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (Hindustan Aeronautics Limited - HAL) के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. डी.के. सुनील ने इस बात की पुष्टि की है कि व्यापक सुरक्षा समीक्षा (Safety Review) पूरी हो चुकी है, और विमानों को दोबारा सेवा में लाने की अनुमति मिल गई है। यह कदम पायलटों के प्रशिक्षण और वायुसेना की परिचालन तैयारियों (Operational Preparedness) को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है।

तेजस, भारत का पहला हल्का लड़ाकू विमान (Light Combat Aircraft - LCA) है, जिसे रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (Defence Research and Development Organisation - DRDO) और एचएएल ने मिलकर विकसित किया है। यह विमान अपनी हल्की संरचना, गति और उन्नत तकनीक (Advanced Technology) के लिए जाना जाता है, जिसमें बेहतर रडार (Radar), मिसाइल ले जाने की क्षमता और पायलट की सुरक्षा के लिए विशेष प्रणालियाँ शामिल हैं। 2016 में भारतीय वायुसेना में शामिल होने के बाद से, तेजस ने विभिन्न अभियानों में अपनी उपयोगिता साबित की है।

तेजस की ग्राउंडिंग का कारण और सुरक्षा समीक्षा (Tejas Grounding Reason and Safety Review)

पिछले दो महीने पहले एक प्रशिक्षण उड़ान (Training Sortie) के बाद लैंडिंग के दौरान तेजस विमान में एक गंभीर तकनीकी समस्या (Technical Glitch) आ गई थी। इस घटना के तुरंत बाद, एहतियात के तौर पर पूरे बेड़े को ग्राउंडेड कर दिया गया था। शुरुआती जांच में विमान के आंतरिक सिस्टम (Internal System) या किसी तकनीकी खराबी को जिम्मेदार ठहराया गया था। इस अप्रत्याशित घटना के बाद, एचएएल और भारतीय वायुसेना ने फौरन कदम उठाए।

स्थानीय संशोधन समिति (Local Modification Committee) ने सभी विमानों की एक-एक करके गहन जांच की और आवश्यक बदलावों का सुझाव दिया। डॉ. डी.के. सुनील के अनुसार, क्लियरेंस प्रक्रिया (Clearance Process) अपने अंतिम चरण में है और एक बार की विशेष सुरक्षा जांच (Special Safety Check) के बाद विमानों को फिर से उड़ान भरने की अनुमति मिलेगी। पहले चरण में लगभग 36 तेजस विमानों को चरणबद्ध तरीके से (Phased Manner) सक्रिय किया जाएगा, जिससे वायुसेना की क्षमता पर कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े।

तेजस के अतीत के हादसे और Mk-1A की डिलीवरी में देरी (Past Incidents and Mk-1A Delivery Delays)

यह घटना तेजस की तीसरी दुर्घटना है जब से इसे भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया है। पहली बड़ी घटना मार्च 2024 में जैसलमेर के पास हुई थी, जहाँ एक प्रशिक्षण के दौरान विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, हालांकि पायलट समय रहते सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहा था। दूसरी घटना 2025 के दुबई एयरशो (Dubai Airshow) में हुई, जहाँ प्रदर्शन के दौरान विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया और पायलट की दुखद मृत्यु हो गई। इस घटना की जांच अभी भी जारी है। इन तीनों दुर्घटनाओं में शामिल विमान पुराने इंडियन ऑपरेशनल क्लियरेंस (IOC) और फाइनल ऑपरेशनल क्लियरेंस (FOC) बैच के थे, जो 2016 से वायुसेना में आ रहे थे। एचएएल का कहना है कि वे हर घटना से सीखकर विमान को लगातार बेहतर बना रहे हैं।

इन सबके बीच, तेजस के नए और अधिक उन्नत संस्करण, एमके-1ए (Tejas Mk-1A) की डिलीवरी में लगातार देरी हो रही है। भारतीय वायुसेना ने 180 एमके-1ए विमानों का ऑर्डर दिया है, लेकिन इनकी डिलीवरी में लगभग दो साल की देरी हो चुकी है। एचएएल उत्पादन बढ़ाने का प्रयास कर रहा है, लेकिन तकनीकी और आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) से संबंधित कठिनाइयों के कारण समय पर विमानों की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। एमके-1ए में पुराने मॉडल की तुलना में अधिक आधुनिक सुविधाएँ हैं, जिनमें बेहतर इंजन, उन्नत रडार और अधिक हथियार ले जाने की क्षमता शामिल है, जो वायुसेना की शक्ति को काफी बढ़ा सकती हैं।

तेजस बेड़े का फिर से उड़ान भरना भारतीय वायुसेना के लिए एक सकारात्मक कदम है, क्योंकि यह पायलटों के प्रशिक्षण और परिचालन तैयारियों को सुनिश्चित करेगा। हालांकि, लगातार होने वाली तकनीकी समस्याओं और एमके-1ए की डिलीवरी में देरी, स्वदेशी रक्षा उत्पादन (Indigenous Defence Production) के सामने मौजूद चुनौतियों को उजागर करती है। सरकार और एचएएल दोनों ही इन मुद्दों को हल करने और तेजस को एक विश्वसनीय और शक्तिशाली लड़ाकू विमान के रूप में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए, भविष्य में इन विमानों की विश्वसनीयता और प्रदर्शन को और बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

*Image is AI-generated and used for representational purposes only.

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