पश्चिम बंगाल में दहला देने वाली घटना: सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या, चश्मदीदों ने बताया उस रात का खौफनाक मंजर
पश्चिम बंगाल (West Bengal) में चुनावी नतीजों के बाद से जारी हिंसा के बीच एक बेहद ही चौंकाने वाली और गंभीर वारदात सामने आई है। राजधानी कोलकाता के उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम (Madhyamgram, North 24 Parganas) में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता और पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) के निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ (Chandranath Rath) की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। यह घटना बुधवार, 6 मई 2026 की रात करीब सवा 10 बजे हुई, जब अज्ञात बाइक सवार हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर उनकी जान ले ली। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मध्यमग्राम में खूनी रात: कैसे हुई चंद्रनाथ रथ की हत्या?
पुलिस की शुरुआती जांच और चश्मदीदों के बयानों के मुताबिक, यह वारदात पूरी तरह से सुनियोजित थी। चंद्रनाथ रथ अपनी स्कॉर्पियो (SUV) से कोलकाता से अपने घर लौट रहे थे। मध्यमग्राम में अपने घर से महज 200 मीटर की दूरी पर ही उनकी गाड़ी को रोका गया। सूत्रों के अनुसार, कम से कम आठ हमलावर चार मोटरसाइकिलों पर आए थे और सभी ने हेलमेट (Helmet) पहन रखे थे। एक संदिग्ध कार, जिसका रजिस्ट्रेशन कोड (Registration Code) WB 74 (सिलिगुड़ी) था, ने कथित तौर पर फायरिंग से ठीक पहले रथ की गाड़ी को ब्लॉक (Block) किया। जैसे ही उनकी कार रुकी, मोटरसाइकिल पर सवार हमलावरों ने विदेशी हथियारों से उन पर अंधाधुंध गोलियां चलाईं और मौके से फरार हो गए।
चश्मदीदों में से एक ने न्यूज़ 18 इंडिया (News18 India) को बताया कि जब वह घर से बाहर निकला तो उसने एक स्कॉर्पियो गाड़ी खड़ी देखी, जिसके अंदर ड्राइवर (Driver) रो रहा था और कह रहा था, "सर, यह क्या हो गया!" जब लोग वहां पहुंचे, तो ड्राइवर ने बताया कि कुछ लोग गोली मारकर भाग गए हैं। उन्होंने देखा कि दूसरी सीट पर चंद्रनाथ रथ खून से लथपथ थे और उनके मुंह से बस हल्की आवाज निकल रही थी। उस वक्त वह जीवित थे, लेकिन कुछ बोल पाने की स्थिति में नहीं थे। चंद्रनाथ का सीना पूरी तरह खून से सना हुआ था। ड्राइवर ने तुरंत उन्हें पास के डायवर्सिटी नर्सिंग होम (Diversity Nursing Home) ले जाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। ड्राइवर ने यह भी बताया कि घटना में दो लोगों को गोली लगी थी।
Similar Posts
- TIME 100 List 2026: डोनाल्ड ट्रंप, शी जिनपिंग और बेंजामिन नेतन्याहू दुनिया के सबसे प्रभावशाली लोगों में शामिल
- संसद में पप्पू यादव का विस्फोटक दावा: 'कौन देखता है सबसे ज्यादा पोर्न?' और महिला आरक्षण बिल का हश्र
- पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव: डेटा सुरक्षा पर चुनाव आयोग सख्त, कैमरों के लिए जारी किए नए निर्देश
- राघव चड्ढा की सुरक्षा में बड़ा बदलाव: पंजाब ने ली वापस, केंद्र ने दी जेड सिक्योरिटी
- India's Exports Record: वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का निर्यात 860 अरब डॉलर के ऐतिहासिक शिखर पर, पीयूष गोयल की घोषणा
पुलिस महानिदेशक (DGP) सिद्धनाथ गुप्ता ने इस घटना पर टिप्पणी करते हुए कहा कि जांचकर्ताओं को संदेह है कि हमले में इस्तेमाल की गई कार में फर्जी नंबर प्लेट (Fake Number Plate) लगी थी। पुलिस उस वाहन की जांच कर रही है और उसकी मूवमेंट (Movement) को ट्रेस (Trace) कर रही है ताकि चंद्रनाथ रथ की हत्या में शामिल लोगों की पहचान की जा सके। इस बीच, भाजपा ने इस हत्या के लिए सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराया है, हालांकि टीएमसी की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
कौन थे चंद्रनाथ रथ और इस घटना का क्या है राजनीतिक महत्व?
चंद्रनाथ रथ भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट (Executive Assistant) थे और लंबे समय से उनके साथ काम कर रहे थे। कहा जाता है कि भवानीपुर में सुवेंदु के चुनावी काम-काज की कमान उन्हीं के सिर पर थी और वहां उनकी जीत में चंद्रनाथ की बड़ी भूमिका थी। वह भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) में भी सेवा दे चुके थे। 4 मई को बंगाल चुनाव (Bengal Election) के नतीजे सामने आने के बाद से राज्य में हिंसा की कई घटनाएं सामने आ रही हैं। इस दौरान कई लोगों पर जानलेवा हमले हुए हैं। सुवेंदु अधिकारी ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की बात कही थी, भले ही वे किसी भी पार्टी से जुड़े हों।
चंद्रनाथ रथ की हत्या पश्चिम बंगाल के राजनीतिक माहौल में एक गंभीर मोड़ लेकर आई है। यह घटना न केवल राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल खड़े करती है, बल्कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के बीच बढ़ती हिंसा को भी उजागर करती है। पुलिस की गहन जांच ही इस मामले की सच्चाई सामने लाएगी और दोषियों को सजा दिलाएगी। राज्य में शांति और व्यवस्था बनाए रखना अब एक बड़ी चुनौती बन गया है, जिस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
*Image is AI-generated and used for representational purposes only.