प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है, जब वे भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा करने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर उन्हें दुनियाभर से बधाई संदेश मिल रहे हैं। इसी कड़ी में, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने खास अंदाज में पीएम मोदी को बधाई दी है, उन्हें 'मजबूत और समझदार इंसान' बताया। यह घटनाक्रम भारतीय राजनीति और वैश्विक संबंधों दोनों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पीएम मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का 4,399 दिनों तक पद पर रहने का रिकॉर्ड तोड़ा है। यह उपलब्धि उनके लगातार तीसरे कार्यकाल के दौरान सामने आई है, जो 2014 में पहली बार शपथ लेने से लेकर 2019 और 2024 के ऐतिहासिक जनादेश तक फैला है। इस अवसर पर, दिल्ली के भारत मंडपम (Bharat Mandapam) में एनडीए (NDA) नेताओं की एक विशेष बैठक आयोजित की गई थी, जिसे पीएम मोदी ने संबोधित किया।
पीएम मोदी का ऐतिहासिक रिकॉर्ड और ट्रंप की बधाई
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक पोस्ट के माध्यम से पीएम मोदी को बधाई दी। उन्होंने लिखा, 'मेरे दोस्त, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत के सबसे लंबे समय तक रहने वाले पीएम बनने पर बधाई। वे सचमुच एक बहुत बढ़िया प्रधानमंत्री (Prime Minister) हैं। वह मजबूत और समझदार इंसान हैं। उन्हें जीवन में आगे भी बहुत बड़ी सफलताएं मिलेंगी।' यह संदेश दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत संबंधों और भारत-अमेरिका (India-US) संबंधों में उनके योगदान को दर्शाता है। पीएम मोदी ने भी ट्रंप के इस बधाई संदेश पर उन्हें धन्यवाद कहा और भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी (Comprehensive Global Strategic Partnership) को और आगे बढ़ाने की दिशा में मिलकर काम करने की इच्छा व्यक्त की।
यह रिकॉर्ड इस मायने में खास है कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी भले ही 14 साल से अधिक समय तक पद पर रही हों, लेकिन उनका कार्यकाल लगातार नहीं था। इस प्रकार, पीएम मोदी देश के इतिहास में लगातार सेवा करने वाले चुने हुए प्रधानमंत्री (Elected Prime Minister) के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। यह उनकी राजनीतिक यात्रा में एक और मील का पत्थर है, जो उनके मजबूत जनादेश और नेतृत्व क्षमता को रेखांकित करता है।
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भारत मंडपम में एनडीए नेताओं को संबोधित करते हुए, पीएम मोदी ने अपनी सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला और कांग्रेस (Congress) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में 'ग्रोथ रेट' (Growth Rate) में न सुशासन था, न नीति, न नीयत और न ही निर्णय। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली पहली एनडीए सरकार को विकास में गति लाने का श्रेय दिया, लेकिन 2004 के बाद देश के फिर से अस्थिरता के बवंडर में फंसने का आरोप कांग्रेस पर लगाया।
कांग्रेस पर पीएम मोदी का पलटवार और 'हिंदू ग्रोथ रेट' की आलोचना
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि एनडीए के 12 वर्षों की एक बड़ी सफलता यह भी है कि देश कांग्रेस के 'कुचक्र' से आजाद हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने देश को 'लाचारगी, बेचारगी और हीन भावना' के गर्त में गिरा दिया था और यह एहसास कराया जाता था कि भारत में तेज विकास संभव ही नहीं है। उन्होंने कांग्रेस पर 'बड़ी ही चतुराई से धीमी विकास को 'हिंदू ग्रोथ रेट' (Hindu Growth Rate) का नाम देने' का आरोप लगाया, यह कहते हुए कि कार्यशैली कांग्रेस की थी, दायित्व कांग्रेस का था, विफलता कांग्रेस की थी, लेकिन कलंक देश की बड़ी हिंदू आबादी के नाम लगाया गया। यह बयान भारतीय राजनीति में एक नई बहस को जन्म दे सकता है।
पीएम मोदी द्वारा लगातार सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने का यह रिकॉर्ड उनकी राजनीतिक स्थिरता और लोकप्रियता का प्रमाण है। डोनाल्ड ट्रंप जैसे वैश्विक नेता का बधाई संदेश अंतरराष्ट्रीय मंच पर उनकी स्वीकार्यता को दर्शाता है। वहीं, भारत मंडपम से कांग्रेस पर किया गया उनका तीखा प्रहार भविष्य की राजनीतिक रणनीतियों और चुनावी विमर्श की दिशा तय कर सकता है। यह घटनाक्रम न केवल उनके समर्थकों को उत्साहित करेगा, बल्कि विपक्ष को भी अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करने के लिए प्रेरित करेगा।
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