खुलासा: दिल्ली हाईकोर्ट को 1000 से ज्यादा धमकी भरे मेल भेजने वाला आर. श्रीनिवास गिरफ्तार, लैपटॉप से खुले राज

आर. श्रीनिवास द्वारा दिल्ली हाईकोर्ट को भेजे गए धमकी भरे मेल और उसकी गिरफ्तारी

खुलासा: दिल्ली हाईकोर्ट को 1000 से ज्यादा धमकी भरे मेल भेजने वाला आर. श्रीनिवास गिरफ्तार, लैपटॉप से खुले राज

नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली से एक चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया है, जिसने दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) को अकेले 1000 से ज्यादा धमकी भरे मेल भेजे थे। आरोपी की पहचान आर. श्रीनिवास के रूप में हुई है, जो लुईस श्रीनिवास के नाम से अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था। मैसूर स्थित उसके घर से बरामद लैपटॉप की पड़ताल के बाद यह सनसनीखेज जानकारी सामने आई है, जिसने देश की न्यायिक प्रणाली (judicial system) की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

दिल्ली पुलिस की नई दिल्ली जिले की साइबर थाना पुलिस (Cyber Police Station) ने गहन जांच के बाद आर. श्रीनिवास को मैसूर से दबोचा। पुलिस के अनुसार, आरोपी इसी लैपटॉप का इस्तेमाल कर रहा था जिससे उसने न केवल दिल्ली हाईकोर्ट, बल्कि सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court), देश के अन्य हाईकोर्ट, यहां तक कि पाकिस्तान सरकार और पाकिस्तान के हाईकोर्ट को भी कई सालों से धमकी भरे मेल भेजे थे। शुरुआत में ये सामान्य मेल होते थे, लेकिन धीरे-धीरे इनकी भाषा खतरनाक होती चली गई और हाल के महीनों में इनमें 'बम' जैसे शब्दों का अत्यधिक इस्तेमाल होने लगा था, जिससे सुरक्षा एजेंसियां (security agencies) बेहद चिंतित थीं।

तकनीकी रूप से दक्ष अपराधी और उसकी कार्यप्रणाली

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आर. श्रीनिवास 47 वर्षीय अविवाहित व्यक्ति है जो अकेला रहता था और लगातार अपने ठिकाने बदलता रहता था। उसने बीए, एमए और एमबीए की पढ़ाई की है, जबकि लॉ की पढ़ाई बीच में छोड़ दी थी। उसने कई निजी कॉलेजों में राजनीतिक विज्ञान (Political Science) भी पढ़ाया है और एक वकील के साथ भी काम किया है, जिससे उसे कानूनी प्रक्रियाओं की जानकारी थी। यही कारण है कि उसके ज्यादातर मेल अदालतों को ही भेजे जाते थे।

जांच में पता चला है कि आरोपी तकनीकी रूप से काफी दक्ष (technically proficient) था और इंटरनेट का इस्तेमाल छिपकर करने के कई तरीके जानता था। वह अलग-अलग इंटरनेट प्रोटोकॉल एड्रेस (IP Address) का उपयोग कर अपनी पहचान छिपाने की कोशिश करता था। हालांकि, दिल्ली पुलिस की साइबर सेल टीम ने डिजिटल फुटप्रिंट (digital footprint) के आधार पर उसकी लोकेशन को ट्रैक कर लिया। पुलिस को उसकी वह याहू (Yahoo) आईडी भी मिल गई है जिससे वह ये धमकी भरे मेल भेजता था। अधिकारियों ने बताया कि उसे लोगों को परेशान करने में मजा आता था। कुछ मेल उसने कन्नड़ भाषा में भी भेजे थे।

बीएसएनएल की भूमिका और जांच में बाधा

इस मामले में एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी सामने आया है कि आरोपी बीएसएनएल (BSNL) के इंटरनेट कनेक्शन का इस्तेमाल कर रहा था। उसे पता था कि बीएसएनएल से जल्द ही लोकेशन (location) और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) मिलना मुश्किल होता है। नई दिल्ली जिला पुलिस ने कई बार बीएसएनएल से सहयोग मांगा, लेकिन अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिली, जिससे आरोपी को पकड़ने में काफी समय लगा। पुलिस ने बीएसएनएल से कई बार पत्राचार भी किया था। यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी इस दौरान वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (Virtual Private Network - VPN) का इस्तेमाल नहीं कर रहा था, जिससे बीएसएनएल का असहयोग और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। पुलिस अब उसके लैपटॉप को फोरेंसिक जांच (forensic investigation) के लिए भेजने की तैयारी कर रही है।

आगे की जांच और सुरक्षा चुनौतियां

आर. श्रीनिवास की गिरफ्तारी साइबर अपराध (cyber crime) के बढ़ते खतरे और संवेदनशील संस्थानों को निशाना बनाने की प्रवृत्ति को उजागर करती है। यह घटना दर्शाती है कि कैसे एक अकेला व्यक्ति भी अपनी तकनीकी जानकारी और गलत इरादों के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा (national security) के लिए खतरा बन सकता है। इस मामले में बीएसएनएल जैसी सरकारी दूरसंचार कंपनी (telecom company) की ओर से कथित असहयोग, अंतर-एजेंसी समन्वय (inter-agency coordination) में सुधार की आवश्यकता पर भी बल देता है। आरोपी का असामान्य व्यवहार और लंबे समय से अकेलेपन का शिकार होना भी उसके कृत्यों के पीछे के मनोवैज्ञानिक कारणों की ओर इशारा करता है, जिसकी आगे जांच की जाएगी।

आर. श्रीनिवास की गिरफ्तारी एक बड़ी सफलता है, लेकिन यह न्यायिक और सरकारी संस्थानों की डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने की तत्काल आवश्यकता पर प्रकाश डालती है। भविष्य में ऐसे खतरों से निपटने के लिए साइबर सुरक्षा प्रोटोकॉल (cyber security protocols) को और अधिक कड़ा करना होगा और दूरसंचार प्रदाताओं तथा कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना होगा ताकि अपराधियों को जल्द से जल्द पकड़ा जा सके और ऐसे कृत्यों को रोका जा सके।

*Image is AI-generated and used for representational purposes only.

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