गुरुवार का दिन क्रिप्टोकरेंसी बाजार के लिए बेहद निराशाजनक रहा, जब वैश्विक क्रिप्टो मार्केट कैप में एक ही दिन में लगभग 12 लाख करोड़ रुपये (0.13 ट्रिलियन डॉलर) की भारी गिरावट दर्ज की गई। इस क्रिप्टो बाजार में भारी गिरावट ने निवेशकों को बड़ा झटका दिया है, क्योंकि दुनिया की सबसे लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन भी 70,000 डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसल गई। यह गिरावट अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों में कोई बदलाव न करने के फैसले और उम्मीद से अधिक महंगाई के आंकड़ों के बाद आई है, जिसने जोखिम भरे एसेट्स से निवेशकों का विश्वास डिगा दिया है।
कॉइनमार्केटकैप के आंकड़ों के अनुसार, गुरुवार दोपहर 1 बजे तक क्रिप्टो का वैश्विक बाजार पूंजीकरण 2.40 ट्रिलियन डॉलर पर आ गया था, जिसमें पिछले 24 घंटों में 5% से अधिक की कमी आई। इस तेज गिरावट के कारण बाजार से 0.13 ट्रिलियन डॉलर, यानी भारतीय मुद्रा में लगभग 12 लाख करोड़ रुपये, का सफाया हो गया। दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी, बिटकॉइन, इस दौरान 5% से अधिक लुढ़क कर 69,960 डॉलर पर कारोबार कर रही थी, जो कुछ ही दिन पहले 75,000 डॉलर के पार पहुंच गई थी। भारतीय रुपये में इसकी कीमत 65.32 लाख रुपये से नीचे आ गई।
अन्य प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी का प्रदर्शन
बिटकॉइन के साथ-साथ अन्य प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी भी इस गिरावट की चपेट में आ गईं। दुनिया की दूसरी सबसे महंगी क्रिप्टो इथेरियम में 24 घंटे में 6% से अधिक की गिरावट आई और यह 2162 डॉलर पर कारोबार कर रही थी। रिपल में लगभग 4% की गिरावट दर्ज की गई, जिससे इसकी कीमत 1.46 डॉलर के आसपास आ गई। बाइनेंस कॉइन भी 4% से अधिक फिसलकर 644 डॉलर पर पहुंच गया, जबकि सोलाना लगभग 5% गिरकर 90 डॉलर से नीचे आ गया। डॉगकॉइन, कार्डानो, एवलांच और शिबा इनु जैसी अन्य लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी में भी 5% से अधिक की गिरावट देखी गई।
हालांकि, इस गिरते बाजार में कुछ क्रिप्टोकरेंसी ने विपरीत दिशा में प्रदर्शन किया। पाई नेटवर्क कॉइन 2% से अधिक उछलकर 0.1766 डॉलर पर पहुंच गया, जबकि क्वांट क्रिप्टो में 6% से अधिक की तेजी दर्ज की गई।
क्रिप्टो बाजार में भारी गिरावट: जानें कारण और विशेषज्ञ राय
बाजार में इस व्यापक गिरावट का मुख्य कारण अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व का ब्याज दरों में कोई बदलाव न करने का फैसला है। बाजार को उम्मीद थी कि फेड दरों में कटौती कर सकता है, लेकिन ऐसा न होने से निवेशकों में बिकवाली का दौर शुरू हो गया। इसके अतिरिक्त, अमेरिका से आए महंगाई के आंकड़े भी उम्मीद से अधिक रहे, जिसने स्थिति को और बिगाड़ दिया।
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डेल्टा एक्सचेंज की रिसर्च एनालिस्ट रिया सहगल ने इस गिरावट पर टिप्पणी करते हुए कहा कि, "इस गिरावट की मुख्य वजह अमेरिका से आए महंगाई के आंकड़े और यूएस फेडरल रिजर्व का ताजा फैसला है। उम्मीद से ज्यादा महंगाई और ब्याज दरों में कटौती न होने के संकेतों ने निवेशकों को जोखिम वाले एसेट्स (जैसे क्रिप्टो) से दूर रहने पर मजबूर कर दिया है।" बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, शॉर्ट-टर्म इंडिकेटर्स भी बिकवाली के संकेत दे रहे हैं, जिससे निवेशकों में बेचैनी बढ़ गई है।
वर्तमान बाजार स्थिति यह संकेत देती है कि निकट भविष्य में क्रिप्टोकरेंसी में अस्थिरता बनी रह सकती है। निवेशकों के बीच जोखिम लेने की क्षमता कम हो रही है, खासकर जब वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताएं बढ़ रही हों। फेडरल रिजर्व का रुख और महंगाई के आंकड़े सीधे तौर पर क्रिप्टो जैसे जोखिम भरे निवेशों को प्रभावित करते हैं। अल्पकालिक रूप से, हम बिकवाली के दबाव और कीमतों में उतार-चढ़ाव देख सकते हैं, जबकि दीर्घकालिक निवेशकों को बाजार की व्यापक आर्थिक स्थितियों पर गहरी नजर रखने की सलाह दी जाती है। यह घटना दर्शाती है कि क्रिप्टो बाजार बाहरी आर्थिक कारकों के प्रति कितना संवेदनशील है।
क्रिप्टोकरेंसी बाजार में 24 घंटे कारोबार होता है और इसकी कीमतें पल-पल बदलती रहती हैं, जिससे निवेशकों को मिनटों में बड़ा नुकसान हो सकता है। गुरुवार को हुई इस भारी गिरावट ने एक बार फिर इस बाजार की अप्रत्याशित प्रकृति को उजागर किया है। ऐसे में, किसी भी निवेश का निर्णय लेने से पहले विशेषज्ञों की राय लेना और बाजार के रुझानों का सावधानीपूर्वक विश्लेषण करना अत्यंत महत्वपूर्ण है।