पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की लगातार छापेमारी ने राष्ट्रीय राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है। पिछले तीन दिनों में पार्टी के दो प्रमुख नेताओं, राज्यसभा सांसद डॉ. अशोक मित्तल और कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के आवासों पर हुई इन कार्रवाइयों ने AAP को केंद्र सरकार के खिलाफ मुखर कर दिया है। इसी कड़ी में, दिल्ली के मुख्यमंत्री और AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ईडी रेड को 'सत्ता के लिए ओछी राजनीति' करार देते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब देश के कई हिस्सों में आगामी चुनावों का माहौल बन रहा है, जिससे इसकी राजनीतिक अहमियत और बढ़ जाती है।
अरविंद केजरीवाल का केंद्र सरकार पर तीखा निशाना: 'सत्ता के लिए ओछी राजनीति'
अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी के नेता के यहां तीन दिन में यह दूसरी ईडी की रेड है। उन्होंने सीधे प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए पूछा, "क्या प्रधानमंत्री बताएंगे कि अभी तक AAP नेताओं के यहां जो इतनी सारी अनगिनत रेड की हैं, उनमें कितना काला पैसा मिला? एक रुपया भी मिला?" केजरीवाल ने आरोप लगाया कि पूरा देश देख रहा है कि प्रधानमंत्री केवल सत्ता के लिए कितनी ओछी राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था (economy) की गिरती स्थिति, रुपये के लगातार कमज़ोर होने, लोगों के काम-धंधे बंद होने और बढ़ती बेरोजगारी (unemployment) का जिक्र करते हुए कहा कि मोदी सरकार के पास विपक्ष के नेताओं के घर ईडी भेजने से फ़ुर्सत नहीं है। उनका सवाल था कि क्या देश ऐसे आगे बढ़ेगा?
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी इन छापों की कड़ी निंदा की। उन्होंने 'एक्स' (X) पर कहा कि भाजपा शासित केंद्र सरकार लगातार लोकतंत्र (democracy) की हत्या करने का प्रयास कर रही है। मान ने सवाल उठाया कि ईडी की छापेमारी केवल उन्हीं राज्यों में क्यों की जा रही है जहां भाजपा सत्ता में नहीं है? उन्होंने कहा कि जनता के अधिकारों के लिए आवाज उठाने वाले और जन कल्याण के लिए काम करने वालों को या तो ईडी के नोटिस भेजे जाते हैं या जेल में डाल दिया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब की क्रांतिकारी भूमि से वे यह संदेश देना चाहते हैं कि जहां भी अत्याचार होगा, वे मजबूती से खड़े रहेंगे और भाजपा को ईडी, सीबीआई (CBI) और चुनाव आयोग (Election Commission) के सहारे पंजाब चुनाव जीतने का सपना देखना छोड़ देना चाहिए।
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AAP के अन्य नेताओं ने भी घेरा केंद्र को
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भी इसे 'तानाशाही' करार दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के 'तोते' (केंद्रीय एजेंसियां) सक्रिय हो गए हैं और पंजाब चुनाव के पहले उन्हें कई बार पंजाब का दौरा करना पड़ेगा। दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने इसे 'स्पष्ट पैटर्न' बताते हुए कहा कि भाजपा इसी तरह राज्य चुनावों के लिए अपनी तैयारी शुरू करती है। वहीं, AAP की वरिष्ठ नेता और दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने कहा कि चुनाव से पहले AAP नेताओं को निशाना बनाना भाजपा की हार का डर और कायरता दिखाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि भाजपा की इस तानाशाही का जवाब पंजाब की जनता देगी। पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने भी ईडी और सीबीआई की पिछली रेड्स में कोई काला धन न मिलने का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री से सवाल पूछा और राजनैतिक रेड पर जनता के टैक्स के पैसों को बर्बाद न करने की अपील की।
यह घटनाक्रम भारतीय राजनीति में केंद्रीय जांच एजेंसियों (central agencies) के कथित दुरुपयोग की बहस को एक बार फिर गरमा गया है। विपक्ष लगातार आरोप लगाता रहा है कि सरकार राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को निशाना बनाने के लिए इन एजेंसियों का इस्तेमाल करती है, जबकि सरकार इन आरोपों को खारिज करते हुए कहती है कि एजेंसियां भ्रष्टाचार के खिलाफ स्वतंत्र रूप से कार्रवाई कर रही हैं। पंजाब में आगामी लोकसभा चुनावों (Lok Sabha elections) से पहले हुई ये रेड्स निश्चित रूप से राजनीतिक तापमान को और बढ़ाएंगी।
फिलहाल, आम आदमी पार्टी इन छापों को अपने खिलाफ राजनीतिक प्रतिशोध (political vendetta) के रूप में देख रही है और पूरी मजबूती से इसका विरोध करने की बात कह रही है। यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और क्या मोड़ लेता है और इसका पंजाब सहित देश की राजनीति पर क्या दीर्घकालिक प्रभाव पड़ता है।
*Image is AI-generated and used for representational purposes only.