पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले नुसरत जहां को ED ने क्यों किया तलब? जानें पूरा मामला

पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले नुसरत जहां को ED ने क्यों किया तलब: राशन और फ्लैट घोटाले में पूछताछ

पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल तेज है, खासकर आगामी लोकसभा चुनावों (Lok Sabha Elections) से ठीक पहले। इसी बीच, तृणमूल कांग्रेस (TMC) की पूर्व सांसद और अभिनेत्री नुसरत जहां को प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate - ED) ने 22 अप्रैल को कोलकाता कार्यालय में तलब किया है। पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले नुसरत जहां को ED ने क्यों किया तलब, यह सवाल अब राजनीतिक गलियारों में गरमा गया है, क्योंकि 23 अप्रैल को राज्य में पहले चरण के मतदान से ठीक एक दिन पहले यह घटनाक्रम सामने आया है। यह मामला न केवल नुसरत जहां के लिए बल्कि राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी के लिए भी मुश्किलें बढ़ा सकता है, खासकर जब राशन घोटाला (Ration Scam) और फ्लैट घोटाले (Flat Scam) जैसे गंभीर आरोप लगे हों।

राशन घोटाला: नुसरत जहां पर ED की तलवार

यह पूरा मामला जनवितरण प्रणाली (Public Distribution System - PDS) के तहत कल्याणकारी योजनाओं के लिए निर्धारित गेहूं की बड़े पैमाने पर हेराफेरी से जुड़ा है। ईडी ने इस मामले में अपनी जांच 23 अक्टूबर, 2020 को बसीरहाट पुलिस स्टेशन (Basirhat Police Station) में दर्ज एफआईआर (FIR) के आधार पर शुरू की थी। यह एफआईआर घोजाडांगा भूमि सीमा शुल्क स्टेशन (Ghojadanga Land Customs Station) के उप सीमा शुल्क आयुक्त की शिकायत के बाद दर्ज की गई थी। आरोप है कि कोविड-19 लॉकडाउन (Covid-19 Lockdown) के दौरान, बांग्लादेश में गेहूं और चावल की तस्करी (Smuggling) के आरोप में बसीरहाट के सीमावर्ती इलाकों में कई ट्रक जब्त किए गए थे। उस समय नुसरत जहां बसीरहाट से ही सांसद थीं।

ईडी अधिकारियों ने नुसरत जहां को 22 अप्रैल को पूछताछ के लिए बुलाया है। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक, पूर्व सांसद ने ईडी को पत्र लिखकर बताया है कि वह उस तारीख को दिल्ली में रहेंगी और दिल्ली कार्यालय में पेश होना चाहती हैं। लेकिन ईडी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच अधिकारी कोलकाता में ही रहेंगे, इसलिए उन्हें कोलकाता में ही पेश होना होगा। इससे पहले भी ईडी नुसरत जहां से कई बार पूछताछ कर चुकी है। अब देखना यह है कि वह 22 अप्रैल को दिल्ली या कोलकाता, कहां पेश होती हैं। जानकारों का मानना है कि राशन तस्करी रैकेट में शामिल कई व्यक्तियों और संगठनों के वित्तीय लेन-देन (Financial Transactions) की जांच की जा रही है, और चूंकि नुसरत उस समय बसीरहाट से सांसद थीं, इसलिए उनसे पूछताछ बेहद अहम है।

फ्लैट घोटाले में भी हो चुकी है पूछताछ

यह पहली बार नहीं है जब नुसरत जहां ईडी के निशाने पर आई हैं। 2023 में, ईडी ने एक फ्लैट घोटाले के मामले में भी उनसे सॉल्ट लेक स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स (CGO Complex, Salt Lake) में छह घंटे तक पूछताछ की थी। यह मामला एक रियल एस्टेट कंपनी (Real Estate Company) से जुड़ा था, जिसमें उन पर फ्लैट दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी का आरोप लगा था। इन लगातार जांचों से उनकी राजनीतिक और सार्वजनिक छवि पर गहरा असर पड़ रहा है।

आगामी चुनावों पर प्रभाव और आगे की संभावनाएं

नुसरत जहां को चुनाव से ठीक पहले तलब किया जाना पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़ा मुद्दा बन गया है। यह घटनाक्रम तृणमूल कांग्रेस (TMC) के लिए एक चुनावी चुनौती पेश कर सकता है, क्योंकि विपक्षी दल इसे भ्रष्टाचार के मुद्दे को हवा देने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। राशन घोटाला सीधे तौर पर आम जनता से जुड़ा है, और ऐसे में इसकी जांच का असर मतदाताओं के मन पर पड़ना तय है। ईडी की कार्रवाई से यह भी संकेत मिलता है कि केंद्रीय एजेंसियां भ्रष्टाचार के मामलों में अपनी जांच को और तेज कर रही हैं, खासकर संवेदनशील राज्यों में।

इस मामले में आगे क्या होगा, यह नुसरत जहां के ईडी के सामने पेश होने और उसके बाद की जांच पर निर्भर करेगा। यदि ईडी को उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत मिलता है, तो उनकी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। वहीं, अगर वह जांच में सहयोग करती हैं और आरोपों को खारिज कर पाती हैं, तो उन्हें राहत मिल सकती है। हालांकि, यह मामला पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल को निश्चित रूप से प्रभावित करेगा और राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का एक नया दौर शुरू कर सकता है।

*Image is AI-generated and used for representational purposes only.

एक टिप्पणी भेजें