भारत पर हमला करेंगे? पाकिस्तान के रक्षा मंत्री की कोलकाता धमकी, आखिर क्यों बौखलाए आसिफ...?
हमारे पड़ोसी मुल्क के रक्षा मंत्री, ख्वाजा आसिफ साहब ने हाल ही में भारत के लिए एक बड़ा 'सरप्राइज़' प्लान किया है। उन्होंने फरमाया है कि अगर भारत ने कोई 'दुस्साहस' किया, तो पाकिस्तान भी हाथ पर हाथ धरे नहीं बैठेगा। और हाँ, इस बार तो उन्होंने बकायदा टारगेट भी बता दिया है – हमारा प्यारा कोलकाता! सियालकोट में बैठकर बंगाल के रसगुल्ले वाले शहर पर निशाना साधने की बात कहना, थोड़ा फिल्मी नहीं लगता?
यह ख़बर उन तमाम भारतीयों के लिए दिलचस्प है जो सुबह की चाय के साथ देश-दुनिया की ख़ासकर पड़ोसी मुल्क की हर 'नई चाल' पर नज़र रखते हैं। वैसे भी, भारत-पाकिस्तान के रिश्ते तो किसी डेली सोप की तरह हैं, जहाँ हर एपिसोड में एक नया ट्विस्ट और ढेर सारा ड्रामा देखने को मिलता है। इस बार के एपिसोड में कोलकाता तक हमला करने की धमकी देकर, आसिफ साहब ने टीआरपी बढ़ाने की पूरी कोशिश की है। पर सवाल ये है कि क्या यह सिर्फ हवा-हवाई बातें हैं या माचिस सच में कहीं गीली नहीं है?
पुराना पैंतरा या कोई नई चाल? गीदड़भभकी की गाथा
दरअसल, यह सारा बयानबाजी का खेल हमारे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के उस कड़े बयान के बाद शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने साफ़ कर दिया था कि अगर पाकिस्तान की तरफ से कोई भी 'दुस्साहसिक' कदम उठाया गया, तो भारत उसका 'कड़ा और निर्णायक जवाब' देगा। भारत अब किसी भी चुनौती को हल्के में नहीं लेगा – इस बात को राजनाथ सिंह ने बिल्कुल स्पष्ट कर दिया है। पिछले साल पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद और उसके जवाब में भारत के 'ऑपरेशन सिंदूर' से पाकिस्तान को जो झटका लगा था, वो अभी तक उनकी यादों से गया नहीं है। तभी से दोनों देशों के बीच तनाव का पारा हाई है।
और इसी तनाव के बीच, ख्वाजा आसिफ साहब सियालकोट में अपनी 'ज्ञान वर्षा' करने बैठ गए। उन्होंने बड़ी शान से कहा कि अगर भारत ने हमला किया, तो पाकिस्तान चुप नहीं बैठेगा और कोलकाता तक को नहीं बख्शेगा। बात तो बड़ी-बड़ी है, पर इसके पीछे 'ठोस सबूत' के नाम पर कुछ नहीं मिला। अब आप ही बताइए, कोई नेता सिर्फ 'कह देने' भर से अगर किसी शहर पर हमला कर सकता, तो आज दुनिया में आधे शहर ही न बचे होते। आसिफ साहब ने तो ये भी आरोप लगा दिया कि भारत एक 'झूठा अभियान' चला सकता है, जिसमें किसी आतंकी घटना को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाएगा और पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। भैया, आप अपनी सफाई पहले ही क्यों दे रहे हैं? कोई प्लान-व्लान है क्या?
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धमकी और सोशल मीडिया का खेल: क्या यह एक और 'भारतीय ड्रामा एपिसोड' है?
इस तरह के बयानों से जनता पर सीधा असर तो कुछ नहीं होता, सिवाय इसके कि सोशल मीडिया पर कुछ दिनों तक मीम्स की बाढ़ आ जाती है। भारतीय ट्विटर यूजर्स आसिफ साहब की इस 'कोलकाता धमकी' को शायद 'सीजन 2, एपिसोड 5: द कोलकाता कनेक्ट' नाम दे दें। उधर पाकिस्तान की आवाम शायद सोच रही होगी कि उनके मंत्री पेट्रोल-डीजल और आटे-दाल की बात करें तो बेहतर होगा, न कि ऐसे हवा में कोलकाता तक हमला करने की। विशेषज्ञ भी इस बयान को सिर्फ 'राजनीतिक बयानबाजी' और 'घरेलू दर्शक दीर्घा' को खुश करने का एक तरीका मान रहे हैं। आर्थिक और राजनीतिक संकट से जूझ रहे मुल्क के लिए 'युद्ध की धमकी' शायद सबसे सस्ता प्रचार है।
यह घटना सिर्फ एक और 'बयानबाजी' से ज़्यादा कुछ नहीं दिखती। इसका नीति, राजनीति या अर्थव्यवस्था पर तत्काल कोई बड़ा असर पड़ने वाला नहीं है। यह भारत-पाकिस्तान संबंधों के उस पुराने टीवी सीरियल का एक और एपिसोड है, जहाँ स्क्रिप्ट वही पुरानी रहती है, बस डायलॉग्स में थोड़ी मिर्च-मसाला डाल दिया जाता है। यह कोई नया 'ट्रेंड' नहीं, बल्कि 'तुम मुझे छेड़ोगे, तो मैं तुम्हें मारूंगा' वाली पुरानी कहानी का ही नया रूपांतरण है।
तो फिलहाल, ख्वाजा आसिफ साहब की 'कोलकाता धमकी' को सिर्फ एक 'गीदड़भभकी' ही माना जा सकता है। ऐसा लगता है कि उन्होंने बयान तो बड़ा दे दिया, पर शायद खुद उन्हें भी नहीं पता कि यह कितना गंभीर है। उम्मीद है कि यह जुबानी जंग सिर्फ यहीं तक सीमित रहेगी, और हमारे कोलकाता के लोग बेफिक्र होकर अपनी मिठाइयों का लुत्फ उठाते रहेंगे, क्योंकि 'डर काहे का जब ख्वाजा आसिफ हैं सामने!'
*Image is AI-generated and used for representational purposes only.