विदेश सचिव विक्रम मिस्री पेरिस में, भारत-फ्रांस वार्ता से मजबूत होंगे रणनीतिक संबंध

विदेश सचिव विक्रम मिस्री पेरिस में भारत-फ्रांस वार्ता के लिए, रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने पर चर्चा।

भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री रविवार को भारत-फ्रांस विदेश कार्यालय वार्ता (India-France Foreign Office Consultations) में शामिल होने के लिए पेरिस पहुंचे हैं। यह दौरा दोनों देशों के बीच लगातार चल रहे उच्च-स्तरीय संपर्कों की कड़ी में एक और महत्वपूर्ण कदम है, जो भारत-फ्रांस वार्ता को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकेत देता है। इस बैठक में कई अहम द्विपक्षीय और वैश्विक मुद्दों पर गहन चर्चा की जाएगी, जिसका सीधा असर भारत की विदेश नीति और रणनीतिक साझेदारी पर पड़ेगा।

फ्रांस में भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर इस दौरे की जानकारी साझा की। विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, श्री मिस्री फ्रांस के विदेश मंत्रालय के सेक्रेटरी जनरल मार्टिन ब्रिएंस (Martin Briens) के साथ मिलकर इस वार्ता की सह-अध्यक्षता करेंगे। यह बैठक भारत और यूरोप के बीच बढ़ते रणनीतिक संबंधों को दर्शाती है, विशेषकर फ्रांस के साथ, जिसे भारत एक प्रमुख वैश्विक साझेदार मानता है।

भारत-फ्रांस वार्ता: प्रमुख एजेंडा और रणनीतिक महत्व

इस महत्वपूर्ण वार्ता के दौरान, दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारी रक्षा (Defence), सिविल न्यूक्लियर एनर्जी (Civil Nuclear Energy), अंतरिक्ष (Space), साइबर और डिजिटल क्षेत्र (Cyber and Digital Sector), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), इनोवेशन (Innovation), और लोगों के बीच आपसी संपर्क (People-to-People Connect) व सांस्कृतिक रिश्तों (Cultural Ties) जैसे कई प्रमुख मुद्दों पर चर्चा करेंगे। इसके अतिरिक्त, वैश्विक और क्षेत्रीय हालात (Global and Regional Situations) पर भी विस्तार से बात की जाएगी, जिससे दोनों देशों को साझा चुनौतियों और अवसरों पर मिलकर काम करने का मौका मिलेगा।

यह दौरा हाल ही में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों (Emmanuel Macron) की भारत यात्रा के बाद हो रहा है, जिसमें भारत-फ्रांस रिश्तों को 'स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' (Special Global Strategic Partnership) का दर्जा दिया गया था। उस यात्रा के दौरान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने रक्षा, तकनीक और स्वास्थ्य के क्षेत्र में 'होराइजन 2047' (Horizon 2047) विजन को आगे बढ़ाने के लिए एक विस्तृत रोडमैप भी पेश किया था।

मैक्रों के भारत दौरे के दौरान रक्षा उत्पादन (Defence Production) में भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई, जो भारत की 'आत्मनिर्भर भारत' (Atmanirbhar Bharat) पहल के साथ जुड़ी हुई है। कर्नाटक के वेमागल में भारत की पहली निजी हेलीकॉप्टर फाइनल असेंबली लाइन (Private Helicopter Final Assembly Line) का वर्चुअल उद्घाटन किया गया था। इस संयुक्त परियोजना के तहत एच125 लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर (H125 Light Utility Helicopters) बनाए जाएंगे, जिसका पहला 'मेड इन इंडिया' (Made in India) मॉडल 2027 तक आने की उम्मीद है। इसके अलावा, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) और फ्रांस की कंपनी सैफ्रान (Safran) के बीच 'हैमर' प्रिसिजन-गाइडेड मिसाइल (HAMMER Precision-Guided Missiles) भारत में बनाने के लिए एक अहम समझौता भी हुआ है। दोनों नेताओं ने 'इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन 2026' (India-France Year of Innovation 2026) की भी शुरुआत की, जो नवाचार और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देगा। प्रधानमंत्री मोदी ने इस रिश्ते को एक अनिश्चित दुनिया में "वैश्विक स्थिरता की ताकत" (Force for Global Stability) बताया था।

आगे की राह: जर्मनी का दौरा और व्यापक यूरोपीय जुड़ाव

फ्रांस में अपने दौरे के दौरान, विदेश सचिव मिस्री कई अन्य वरिष्ठ अधिकारियों और गणमान्य लोगों से भी मुलाकात करेंगे। पेरिस से निकलने के बाद, वह जर्मनी (Germany) जाएंगे, जहां वह जर्मन विदेश मंत्रालय के स्टेट सेक्रेटरी गेजा एंड्रियास वॉन गेर (Geza Andreas von Geyr) के साथ विदेश कार्यालय वार्ता की सह-अध्यक्षता करेंगे। यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि भारत न केवल फ्रांस के साथ, बल्कि पूरे यूरोप के साथ अपने रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह उच्च-स्तरीय बातचीत भारत को अपने यूरोपीय साझेदारों के साथ रिश्तों की पूरी तस्वीर की समीक्षा करने और रक्षा, व्यापार, प्रौद्योगिकी और भू-राजनीतिक सहयोग जैसे अहम क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान करेगी।

विदेश सचिव विक्रम मिस्री का यह दौरा भारत की सक्रिय विदेश नीति (Active Foreign Policy) का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका उद्देश्य प्रमुख वैश्विक शक्तियों के साथ अपनी साझेदारी को मजबूत करना है। फ्रांस और जर्मनी जैसे देशों के साथ गहरे संबंध भारत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी स्थिति को और सशक्त बनाने में मदद करेंगे, साथ ही साझा हितों के लिए मिलकर काम करने के नए रास्ते खोलेंगे।

*Image is AI-generated and used for representational purposes only.

एक टिप्पणी भेजें