केंद्र सरकार द्वारा सोना और चांदी पर आयात शुल्क (Import Duty) बढ़ाने के एक महत्वपूर्ण फैसले ने इन कीमती धातुओं के बाजार में भूचाल ला दिया है। इस घोषणा के बाद, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने की कीमतों में अचानक 11,000 रुपये प्रति 10 ग्राम से भी अधिक का उछाल दर्ज किया गया, जबकि चांदी का भाव भी रॉकेट की रफ्तार से बढ़ते हुए 3 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आंकड़े को पार कर गया। यह सोना-चांदी इंपोर्ट ड्यूटी (Gold-Silver Import Duty Hike) में बढ़ोतरी का सीधा परिणाम है, जिसने निवेशकों और आम उपभोक्ताओं दोनों को चौंका दिया है।
सोना-चांदी की कीमतों में आया ज़बरदस्त उछाल
मोदी सरकार के इस फैसले का सीधा असर कमोडिटी मार्केट (Commodity Market) में तुरंत देखने को मिला। बुधवार को वायदा कारोबार की शुरुआत होते ही सोने के भाव आसमान छूने लगे। मंगलवार को 5 जून की एक्सपायरी वाला 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1,53,442 रुपये पर बंद हुआ था, लेकिन बुधवार को यह एक झटके में उछलकर 1,64,497 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इस तरह, सिर्फ एक दिन में सोने की कीमत में 11,055 रुपये प्रति 10 ग्राम की बढ़ोतरी हुई, जो लगभग 7 फीसदी की तेजी है।
चांदी की कीमतों में भी कुछ ऐसी ही तेजी देखने को मिली। 3 जुलाई की एक्सपायरी वाली चांदी का भाव बीते कारोबारी दिन 2,79,062 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ था। वहीं, बुधवार को बाजार खुलते ही चांदी ने भी लंबी छलांग लगाई और इसका भाव 3,01,429 रुपये प्रति किलोग्राम पर जा पहुंचा। इस हिसाब से, एक किलोग्राम चांदी की कीमत में 22,367 रुपये का इजाफा हुआ है।
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इंपोर्ट ड्यूटी में भारी बढ़ोतरी: क्या है सरकार का फैसला?
दरअसल, सरकार ने सोना, चांदी और अन्य कीमती धातुओं पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी (Custom Duty) में भारी इजाफा किया है। पहले जहां सोने पर 6 फीसदी इंपोर्ट ड्यूटी लगती थी, उसे बढ़ाकर सीधा 15 फीसदी कर दिया गया है। इस बढ़ोतरी में बेसिक कस्टम ड्यूटी (Basic Custom Duty) को 5 फीसदी से बढ़ाकर 10 फीसदी और एग्रीकल्चर इंफ्रा एंड डेवलपमेंट सेस (AIDC) को 1 फीसदी से बढ़ाकर 5 फीसदी करना शामिल है। गौरतलब है कि 2024 के बजट के दौरान सरकार ने जितनी गोल्ड इंपोर्ट ड्यूटी (Gold Import Duty) में कटौती की थी, उसे अब फिर से बढ़ाकर उसी स्तर पर ला दिया गया है।
PM मोदी की अपील और आर्थिक रणनीति
इस फैसले के पीछे सरकार की एक बड़ी आर्थिक रणनीति मानी जा रही है। हाल ही में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने एक जनसभा में देश के लोगों से एक साल तक सोना न खरीदने की अपील की थी। उन्होंने मिडिल ईस्ट (Middle East) में चल रहे युद्ध से उत्पन्न गंभीर संकट का हवाला देते हुए कहा था कि इससे विदेशी मुद्रा (Foreign Exchange) की बचत होगी। विदेशों से सोना आयात करने पर इसका भुगतान डॉलर में करना पड़ता है, जिससे देश की विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव पड़ता है और व्यापार घाटा (Trade Deficit) बढ़ता है। सरकार के इस कदम से विदेश से सोने का आयात महंगा होगा, जिससे इसमें कमी आने और विदेशी मुद्रा बचाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, इस उछाल के बावजूद सोना और चांदी अभी भी अपने लाइफ टाइम हाई (Life Time High) से काफी सस्ते हैं। जनवरी में सोने का वायदा भाव 2,02,984 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा था, जिससे यह अभी भी 38,487 रुपये सस्ता है। वहीं, चांदी का लाइफ टाइम हाई 4,57,328 रुपये प्रति किलोग्राम है, जिससे यह अभी भी 1,55,899 रुपये प्रति किलोग्राम कम है।
सरकार का यह फैसला निश्चित रूप से सोने और चांदी की घरेलू कीमतों को प्रभावित करेगा और आयात पर अंकुश लगाने में मदद करेगा। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह कदम भारतीय अर्थव्यवस्था और उपभोक्ताओं के खरीद व्यवहार पर कितना गहरा और स्थायी प्रभाव डालता है।
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