नई दिल्ली: भारत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच द्विपक्षीय व्यापार (Bilateral Trade) ने एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है, जो 100 अरब अमेरिकी डॉलर के आंकड़े को पार कर गया है। यह उपलब्धि दोनों देशों के बीच हुए व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) के चार वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में नई दिल्ली में आयोजित 'ओपन मजलिस: यूएई-भारत सीईपीए की चौथी वर्षगांठ' कार्यक्रम में रेखांकित की गई। इस कार्यक्रम का आयोजन यूएई-भारत सीईपीए परिषद (UICC) और यूएई-भारत व्यापार परिषद (UIBC) ने संयुक्त रूप से किया, जिसमें वरिष्ठ नीति निर्माताओं, राजनयिकों और उद्योगपतियों ने भाग लिया।
18 फरवरी 2022 को हस्ताक्षरित और 1 मई 2022 से लागू हुए सीईपीए ने द्विपक्षीय व्यापार को अभूतपूर्व गति दी है। हालिया आंकड़ों के अनुसार, द्विपक्षीय व्यापार 101.25 बिलियन अमेरिकी डॉलर के स्तर को पार कर गया है, जो लगातार दूसरे वर्ष 100 बिलियन अमेरिकी डॉलर के आंकड़े को पार कर गया है। इस व्यापार में गैर-तेल व्यापार (Non-oil Trade) का हिस्सा लगभग दो-तिहाई है, जो साझेदारी की बढ़ती विविधता को दर्शाता है। दोनों देशों के नेताओं ने 2032 तक इस द्विपक्षीय व्यापार को 200 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य भी निर्धारित किया है।
भारत-यूएई व्यापार: रणनीतिक साझेदारी और भविष्य की रूपरेखा
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग तथा इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री, जितिन प्रसाद ने मुख्य भाषण दिया। उन्होंने भारत में संयुक्त अरब अमीरात के राजदूत, डॉ. अब्दुलनासेर अलशाली के साथ मिलकर यूआईसीसी के शोध प्रकाशन, 'द यूएई-इंडिया सीईपीए एट फोर' का विमोचन किया। मंत्री प्रसाद ने कहा, "आज हम सिर्फ एक व्यापार समझौते या चार साल के मजबूत आंकड़ों का जश्न नहीं मना रहे हैं। यूएई और भारत मजबूत व्यापारिक साझेदारों से आगे बढ़कर वास्तविक रणनीतिक साझेदार (Strategic Partners) बन गए हैं, जो वस्तुओं, सेवाओं, निवेश, शिक्षा और लोगों के क्षेत्र में मिलकर काम कर रहे हैं। सीईपीए वह आधारशिला थी जिस पर यह व्यापक साझेदारी टिकी है।"
यूएई के राजदूत डॉ. अलशाली ने अपने संबोधन में सीईपीए को यूएई-भारत साझेदारी का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बताया, जिसने व्यापार को 100 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक तक पहुंचाने में मदद की है और 2032 तक 200 अरब अमेरिकी डॉलर के लक्ष्य की नींव रखी है। उन्होंने नवाचार (Innovation), स्टार्टअप्स (Startups), डिजिटल अर्थव्यवस्था (Digital Economy), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), फिनटेक (FinTech) और स्थिरता (Sustainability) जैसे उभरते क्षेत्रों में भारतीय उद्यमियों को समर्थन देने की बात भी कही।
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यूएई-इंडिया बिजनेस काउंसिल के अध्यक्ष, मेजर जनरल (रिटायर्ड) शराफुद्दीन शराफ ने इस साझेदारी को रणनीतिक दूरदर्शिता (Strategic Foresight) और व्यावसायिक सहयोग का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि अगले चरण में व्यापार विस्तार से आगे बढ़कर व्यापार सुगमता (Trade Facilitation), रसद (Logistics), वित्त (Finance) और नवाचार के क्षेत्रों में एक भविष्योन्मुखी ढांचा तैयार करने का लक्ष्य है। यूएई-भारत सीईपीए परिषद के निदेशक अहमद अलजनेबी ने बताया कि सीईपीए एक व्यापार समझौते से आगे बढ़कर आर्थिक सहयोग (Economic Cooperation) के एक व्यापक ढांचे में विकसित हुआ है, और अब इसका ध्यान उपयोग को बढ़ाने और एकीकरण को गहरा करने पर है।
सहयोग के नए आयाम और पीएम मोदी की हालिया यात्रा
इस कार्यक्रम में दो महत्वपूर्ण पैनल चर्चाएं हुईं, जिनमें 'व्यापार की संरचना: गलियारे, पूंजी और अनुपालन' और 'अगले अध्याय की वास्तुकला: नवाचार, संस्थान और भारत-अमीराती विचार' जैसे विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। वर्चुअल ट्रेड कॉरिडोर (Virtual Trade Corridor), भारत मार्ट (India Mart) और स्थानीय मुद्रा निपटान (Local Currency Settlement) जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। एयरोस्पेस (Aerospace), फिनटेक और डीप टेक्नोलॉजी (Deep Technology) जैसे नए क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की संभावनाओं पर भी जोर दिया गया।
इस अवसर पर यूएई-इंडिया सीईपीए काउंसिल और स्टार्टअप पॉलिसी फोरम के बीच, तथा यूएई-इंडिया सीईपीए काउंसिल और ईबीसी पब्लिशिंग प्राइवेट लिमिटेड के बीच समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए। ये समझौते यूएई-इंडिया स्टार्ट-अप सीरीज के दूसरे संस्करण को आगे बढ़ाएंगे, जिसका उद्देश्य भारतीय स्टार्टअप्स को यूएई के इकोसिस्टम में प्रवेश करने और वैश्विक बाजार तक पहुंच बनाने में मदद करना है।
यह महत्वपूर्ण आयोजन भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 15 मई 2024 को यूएई की हालिया यात्रा के बाद हुआ है। इस यात्रा के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी और यूएई के राष्ट्रपति महामहिम शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने सीईपीए के तहत हुई प्रगति की समीक्षा की और रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार (Strategic Petroleum Reserves), एलपीजी सहयोग, रक्षा और समुद्री अवसंरचना से संबंधित कई नए समझौतों पर मुहर लगाई। यूएई ने भारतीय अवसंरचना और वित्तीय संस्थानों में लगभग 5 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश की भी घोषणा की। नेताओं ने MAITRI प्लेटफॉर्म पर वर्चुअल ट्रेड कॉरिडोर के संचालन का भी स्वागत किया, जिससे द्विपक्षीय गलियारे में शिपिंग समय और लॉजिस्टिक्स लागत में कमी आने की उम्मीद है।
भारत और यूएई के बीच यह तेजी से बढ़ता आर्थिक और रणनीतिक जुड़ाव दोनों देशों के लोगों के लिए स्थायी समृद्धि सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। 200 अरब अमेरिकी डॉलर के साझा व्यापार लक्ष्य के साथ, यह साझेदारी वैश्विक मंच पर एक मजबूत आर्थिक गलियारे का उदाहरण प्रस्तुत कर रही है।
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