नई दिल्ली: नीट (NEET) परीक्षा में कथित पेपर लीक (Paper Leak) मामले की आंच अब महाराष्ट्र तक पहुंच गई है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने इस बड़े घोटाले की जांच के सिलसिले में पुणे की एक वरिष्ठ प्रोफेसर मनिषा गुरुनाथ मांढरे को गिरफ्तार किया है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार को मनिषा मांढरे को 14 दिनों की सीबीआई कस्टडी में भेज दिया है। यह कदम इस मामले में सीबीआई की गहन पड़ताल का हिस्सा है, जिससे परीक्षा की शुचिता पर उठे सवालों का जवाब मिलने की उम्मीद है।
सीबीआई ने कोर्ट में दलील दी कि उन्हें प्रोफेसर मांढरे से विस्तृत पूछताछ करनी है ताकि इस पेपर लीक रैकेट में उनकी भूमिका और इसमें शामिल अन्य लोगों का पता लगाया जा सके। बचाव पक्ष के वकीलों ने हालांकि लंबी कस्टडी का विरोध किया, लेकिन कोर्ट ने जांच एजेंसी की मांग को जायज ठहराते हुए 14 दिन की रिमांड मंजूर कर दी। इस गिरफ्तारी से उन लाखों छात्रों और अभिभावकों में चिंता और बढ़ गई है जो नीट यूजी (NEET UG) परीक्षा की पारदर्शिता पर सवाल उठा रहे हैं।
NEET पेपर लीक: प्रोफेसर मनिषा मांढरे पर CBI के गंभीर आरोप
मनिषा मांढरे महाराष्ट्र के पुणे स्थित मॉडर्न कॉलेज ऑफ आर्ट्स, साइंस एंड कॉमर्स (Modern College of Arts, Science and Commerce) में कार्यरत एक वरिष्ठ प्रोफेसर हैं। उनकी गिरफ्तारी के साथ ही इस मामले में विभिन्न शहरों से कुल 9 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सीबीआई के अनुसार, मनिषा मांढरे नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) से जुड़ी एक विशेषज्ञ के रूप में काम कर रही थीं। उन्हें नीट यूजी 2026 (NEET UG 2026) परीक्षा के बॉटनी (Botany) और जूलॉजी (Zoology) के प्रश्न पत्र तैयार करने वाली टीम का हिस्सा बताया गया है। इसी वजह से उन्हें परीक्षा से पहले ही गोपनीय सवालों तक सीधी पहुंच हासिल थी।
जांच एजेंसी का आरोप है कि अप्रैल 2026 के दौरान, प्रोफेसर मांढरे ने कथित तौर पर कुछ चुनिंदा छात्रों की पहचान की। यह काम उन्होंने मामले की एक अन्य आरोपी मनिषा वाघमारे के जरिए किया, जिसे पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। सीबीआई की जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि पुणे में प्रोफेसर मांढरे के घर पर खास कोचिंग सेशन आयोजित किए गए थे। इन सेशन्स में छात्रों को बॉटनी और जूलॉजी के महत्वपूर्ण सवाल नोटबुक में लिखने और किताबों में मार्क करने के लिए कहा गया था। अधिकारियों के मुताबिक, इनमें से कई प्रश्न बाद में नीट यूजी 2026 के असली पेपर में हूबहू दिखाई दिए। यह आरोप बेहद गंभीर हैं और यदि साबित होते हैं तो यह परीक्षा प्रणाली में बड़े पैमाने पर सेंधमारी का संकेत देंगे।
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रिटायरमेंट से पहले गिरफ्तारी: परीक्षा प्रणाली पर सवाल
यह बात भी सामने आई है कि प्रोफेसर मनिषा मांढरे अगले करीब 7 महीने में रिटायर होने वाली थीं। रिटायरमेंट से ठीक पहले इस तरह के गंभीर आरोप में गिरफ्तारी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना परीक्षा संचालन और पेपर तैयार करने की प्रक्रिया में शामिल विशेषज्ञों की विश्वसनीयता पर गंभीर संदेह पैदा करती है। सीबीआई अब गहन पूछताछ के जरिए यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि प्रोफेसर मांढरे ने यह सब किसके इशारे पर किया, उन्हें इस काम के लिए क्या मिला और इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। इस मामले की जांच अलग-अलग राज्यों में जारी है और सीबीआई कई अन्य लोगों से भी पूछताछ कर रही है।
यह प्रकरण न केवल नीट परीक्षा (NEET Exam) की साख को धूमिल करता है, बल्कि देश की पूरी शिक्षा प्रणाली (Education System) में विश्वास को भी प्रभावित करता है। लाखों मेहनती छात्रों और उनके परिवारों के लिए यह एक बड़ा झटका है, जिनकी उम्मीदें और भविष्य ऐसे घोटालों से दांव पर लग जाते हैं। सरकार और संबंधित एजेंसियों पर अब यह सुनिश्चित करने का दबाव है कि इस मामले की तह तक जाकर दोषियों को कड़ी सजा मिले और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पुख्ता कदम उठाए जाएं। इस मामले से परीक्षा सुरक्षा नीतियों (Exam Security Policies) और प्रक्रियाओं की समीक्षा की आवश्यकता भी महसूस हो रही है।
सीबीआई की यह कार्रवाई इस बात का स्पष्ट संकेत है कि सरकार पेपर लीक जैसे मामलों को गंभीरता से ले रही है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां और खुलासे होने की संभावना है, जिससे इस बड़े रैकेट की पूरी तस्वीर सामने आ सकेगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि जांच कहां तक पहुंचती है और क्या यह पूरे सिस्टम में आवश्यक सुधारों का मार्ग प्रशस्त करती है।
*Image is AI-generated and used for representational purposes only.