आ गई AC से आगे की तकनीक, बिना बिजली घर रखेगी ठंडा, जानें क्या है Nescod टेक्नोलॉजी

Nescod Cooling System: Bina Bijli Ghar Rakhegi Thanda

क्या आपने कभी सोचा है कि बिना बिजली के आपका घर या स्टोर ठंडा रह सकता है? सऊदी अरब के किंग अब्दुल्ला विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (King Abdullah University of Science and Technology - KAUST) के शोधकर्ताओं ने एक ऐसी ही क्रांतिकारी तकनीक पेश की है, जिसे NESCOD (नेस्कोड) कूलिंग सिस्टम नाम दिया गया है। यह एक नई निष्क्रिय शीतलन तकनीक (passive cooling technology) है, जो ऊर्जा की खपत करने वाले पारंपरिक एयर कंडीशनर (AC) पर निर्भरता को कम करने का एक स्थायी समाधान प्रदान करती है।

बढ़ते वैश्विक तापमान और लगातार बढ़ती शीतलन की आवश्यकता के बीच, NESCOD एक गेम-चेंजर साबित हो सकता है। यह प्रणाली उन समुदायों के लिए एक पर्यावरण-अनुकूल विकल्प प्रदान करती है जो बिजली ग्रिड (off the grid) से दूर हैं या बहुत गर्म क्षेत्रों में रहते हैं। यह सौर ऊर्जा को ग्रहण करता है और बाद में शीतलन के लिए उसे संग्रहीत करता है, जो पर्यावरणीय इंजीनियरिंग (environmental engineering) में एक बड़ा कदम है। इसका मतलब है कि अब आपको एसी से जुड़े बिजली के भारी बिलों की चिंता नहीं करनी पड़ेगी, और साथ ही यह हमारे ग्रह को पारंपरिक शीतलन प्रणालियों से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान को भी कम करेगा।

NESCOD कूलिंग: कैसे काम करती है यह बिजली-रहित प्रणाली?

NESCOD प्रणाली दो-चरणीय थर्मोडायनामिक चक्र (two-stage thermodynamic cycle) पर काम करती है: विघटन शीतलन (dissolution cooling) और सौर-चालित विलेय पुनर्जनन (solar-driven solute regeneration)। शीतलन या विघटन चक्र में, एक विशेष नमक - अमोनियम नाइट्रेट (ammonium nitrate) को पानी में घोला जाता है। यह एक एंडोथर्मिक (endothermic) रासायनिक प्रतिक्रिया है, जिसका अर्थ है कि यह नमक के आयनिक बंधों (ionic bonds) को तोड़ने के लिए आसपास के वातावरण से गर्मी को अवशोषित करती है, जिससे तरल का तापमान तेजी से कम हो जाता है। रॉयल सोसाइटी ऑफ केमिस्ट्री (Royal Society of Chemistry) द्वारा प्रकाशित शोध के अनुसार, प्रयोगशाला परीक्षणों में इस प्रणाली ने मानक परिस्थितियों में प्रति वर्ग मीटर 191 वाट तक की शीतलन शक्ति प्राप्त की।

सूर्य के प्रकाश से कैसे रिचार्ज होता है NESCOD?

शोधकर्ताओं ने एक टिकाऊ और दोहराने योग्य प्रणाली के लिए एक 3D सौर पुनर्योजी (3D solar regenerator) विकसित किया है। यह सूर्य के प्रकाश का उपयोग करके नमक के घोल में पानी को वाष्प में बदलता है। जब पानी वाष्प में बदल जाता है, तो अमोनियम नाइट्रेट फिर से क्रिस्टल बनाता है, जिससे यह प्रणाली अगले शीतलन चक्र के लिए रिचार्ज हो जाती है। इस प्रक्रिया का मतलब है कि शीतलन प्रभाव को संग्रहीत किया जा सकता है और जब भी आवश्यकता हो, चाहे वह रात हो या कोई अलग मौसम, इसका उपयोग किया जा सकता है, क्योंकि भौतिक विघटन और पुनर्जनन अलग-अलग होते हैं।

शोध से पता चलता है कि NESCOD कई चक्रों के बाद भी शीतलन में प्रभावी रहता है। एक सूर्य के प्रकाश के संपर्क में आने पर, यह प्रति वर्ग मीटर प्रति घंटे लगभग 2.2 किलोग्राम पानी का लगातार वाष्पीकरण करता है, जो तापमान को 5 डिग्री सेल्सियस और 15 डिग्री सेल्सियस के बीच बनाए रखता है - यह कोल्ड-चेन स्टोरेज (cold-chain storage) और स्पेस कूलिंग (space cooling) के लिए आदर्श है। इसके अलावा, यह प्रणाली उत्पादित जल वाष्प को कैप्चर कर सकती है, जिससे 1 पीपीएम (पार्ट्स प्रति मिलियन) से कम अशुद्धता स्तर के साथ पानी का पुन: उपयोग (water reuse) संभव हो पाता है। यह सुविधा विशेष रूप से शुष्क क्षेत्रों (dry areas) में उपयोगी साबित होती है जहां पानी का संरक्षण महत्वपूर्ण है।

NESCOD की आर्थिक व्यवहार्यता (economic viability) भी इसे और आकर्षक बनाती है। इस अध्ययन से पता चलता है कि NESCOD में उपयोग की जाने वाली सामग्री, विशेष रूप से अमोनियम नाइट्रेट, प्रभावी और सस्ती दोनों हैं। अमोनियम नाइट्रेट का उपयोग उर्वरकों (fertilisers) में बड़े पैमाने पर होता है, जो इसे एक टिकाऊ रासायनिक-ऊर्जा वाहक (chemical-energy carrier) बनाता है और यह पहले से ही बड़ी मात्रा में उत्पादित किया जा रहा है।

इसके अतिरिक्त, 3D सौर पुनर्योजी को एक उच्च-क्षेत्र 3D वास्तुकला (high-area 3D architecture) के साथ इंजीनियर किया गया है। इसकी संरचना एक छोटे पदचिह्न (small footprint) के साथ भी उच्च वाष्पीकरण दर प्राप्त करती है, जिससे अन्य सौर-तापीय प्रणालियों (solar-thermal systems) की तुलना में प्रति शीतलन इकाई सामग्री लागत कम हो जाती है। यह आर्थिक दक्षता इस तकनीक को विकासशील देशों (developing nations) और दूरदराज के क्षेत्रों (remote regions) में बड़े पैमाने पर तैनाती के लिए एक व्यवहार्य उम्मीदवार बनाती है, जहां पारंपरिक बिजली का बुनियादी ढांचा या तो बहुत महंगा है या अनुपलब्ध है।

संक्षेप में, NESCOD कूलिंग तकनीक न केवल पर्यावरण के लिए बेहतर है, बल्कि यह उन लाखों लोगों के लिए जीवन को आसान बनाने की क्षमता भी रखती है जिनके पास अभी तक भरोसेमंद और किफायती शीतलन समाधानों तक पहुंच नहीं है। यह नवाचार एक ऐसे भविष्य की ओर इशारा करता है जहां ठंडा रहना अब ऊर्जा संकट या पर्यावरणीय चिंता का विषय नहीं रहेगा, बल्कि यह एक टिकाऊ और सुलभ वास्तविकता होगी।

*Image is AI-generated and used for representational purposes only.

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