विनेश फोगाट का एशियन गेम्स 2026 सपना टूटा: सेमीफाइनल में मीनाक्षी गोयत ने दी पटखनी

विनेश फोगाट को एशियन गेम्स ट्रायल्स में हार के बाद निराश देखा गया

भारत की शीर्ष महिला पहलवान विनेश फोगाट (Vinesh Phogat) का एशियन गेम्स 2026 (Asian Games 2026) में देश का प्रतिनिधित्व करने का सपना उस समय टूट गया जब उन्हें ट्रायल्स के सेमीफाइनल मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। एक बड़े उलटफेर में, मीनाक्षी गोयत ने 53 किलोग्राम भारवर्ग में विनेश को पटखनी दी, जिससे उनके प्रशंसकों और खेल जगत में निराशा छा गई। यह हार इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि विनेश ने हाल ही में कुश्ती में वापसी की थी और इस मुकाम तक पहुंचने के लिए कानूनी लड़ाई भी लड़ी थी, जो इस खबर को आम नागरिक और संबंधित खेल क्षेत्र के लिए बेहद खास बनाती है।

विनेश फोगाट का एशियन गेम्स 2026 सपना टूटा, सेमीफाइनल में मीनाक्षी से मिली हार

एशियन गेम्स ट्रायल्स में विनेश की शुरुआत शानदार रही थी। उन्होंने अपने पहले बाउट में ज्योति को 7-1 से आसानी से हराया। इसके बाद उनका सामना निशु से हुआ, जहां उन्हें कड़े मुकाबले में 7-6 से करीबी जीत मिली। निशु ने विनेश को कड़ी टक्कर दी, लेकिन आखिरकार अनुभव और कौशल विनेश के पक्ष में रहा। हालांकि, सेमीफाइनल में मीनाक्षी गोयत उनके लिए एक बड़ी चुनौती साबित हुईं। इस मुकाबले में विनेश ने मीनाक्षी को दो बार चैलेंज किया और हर बार एक-एक अंक हासिल किया, जबकि मीनाक्षी ने एक बार अपना चैलेंज वापस ले लिया। तमाम कोशिशों के बावजूद, विनेश को मीनाक्षी से 4-6 से हार का सामना करना पड़ा और इसके साथ ही एशियन गेम्स में उनके खेलने की उम्मीदें भी खत्म हो गईं।

कुश्ती में वापसी और कानूनी लड़ाई: विनेश का संघर्ष

यह हार विनेश फोगाट के लिए एक बड़ा झटका है, खासकर इसलिए क्योंकि उन्होंने कुश्ती से संन्यास वापस लेकर वापसी की थी। एशियन गेम्स में हिस्सा लेने के लिए उन्हें एक लंबी कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी थी। पहले उन्हें हाई कोर्ट (High Court) से ट्रायल्स में हिस्सा लेने की अनुमति मिली, लेकिन भारतीय कुश्ती महासंघ (Wrestling Federation of India - WFI) इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) चला गया। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने भी विनेश के पक्ष में फैसला सुनाया और उन्हें ट्रायल्स में भाग लेने की हरी झंडी दे दी। ट्रायल्स से पहले भी विवाद हुए, लेकिन कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष संजय सिंह के हस्तक्षेप के बाद उन्हें 53 किलोग्राम भारवर्ग में खेलने की अनुमति मिल पाई। विनेश, जो जुलाना से कांग्रेस पार्टी की विधायक (MLA) भी हैं, ने 2024 पेरिस ओलंपिक (Paris Olympics) के बाद कुश्ती से संन्यास ले लिया था और राजनीति में सक्रिय हो गई थीं, लेकिन फिर उन्होंने मैट पर लौटने का फैसला किया था।

विनेश फोगाट का शानदार अतीत और अनिश्चित भविष्य

अपने करियर में विनेश ने भारत के लिए एशियन गेम्स में दो पदक जीते हैं। 2014 के इंचियोन एशियन गेम्स (Incheon Asian Games) में उन्होंने 48 किलोग्राम भारवर्ग में कांस्य पदक (Bronze Medal) जीता था। इसके बाद 2018 के जकार्ता एशियन गेम्स (Jakarta Asian Games) में उन्होंने 50 किलोग्राम भारवर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक (Gold Medal) अपने नाम किया था। 2022 के एशियन गेम्स (जो 2023 में हांगझोऊ में आयोजित हुए थे) में विनेश घुटने की गंभीर चोट के कारण हिस्सा नहीं ले पाई थीं। उनकी जगह अंतिम पंघाल (Antim Panghal) को शामिल किया गया था, जिन्होंने कांस्य पदक जीता था। इस हार के साथ, विनेश के कुश्ती करियर का भविष्य फिलहाल अनिश्चित हो गया है। राजनीति में सक्रिय होने के बाद कुश्ती में वापसी का उनका प्रयास अधर में लटक गया है, और उनके सामने अब अपनी अगली रणनीति तय करने की चुनौती होगी।

मीनाक्षी गोयत के हाथों मिली यह हार विनेश फोगाट के लिए केवल एशियन गेम्स में खेलने का मौका गंवाना नहीं है, बल्कि यह उनकी वापसी की महत्वाकांक्षी यात्रा में एक बड़ा अवरोध भी है। एक मजबूत वापसी और कानूनी संघर्ष के बावजूद, वह मैट पर खुद को साबित करने में नाकाम रहीं। यह देखना दिलचस्प होगा कि भारतीय कुश्ती की यह दिग्गज खिलाड़ी अब अपने करियर को किस दिशा में ले जाती है।

*Image is AI-generated and used for representational purposes only.

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने