शेयर बाजार में भारी गिरावट: सेंसेक्स डे हाई से 1100 अंक टूटा, 5 बड़ी वजहों से मार्केट पर दबाव

शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स टूटा, निफ्टी डाउन, मार्केट दबाव, भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल में उछाल

हफ्ते के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) में जबरदस्त उठापटक देखने को मिली। शुरुआती तेजी के बाद बाजार में अचानक ऐसी गिरावट आई कि निवेशकों की सांसें अटक गईं। सेंसेक्स (Sensex) अपने दिन के उच्चतम स्तर से 1100 अंकों से भी अधिक फिसल गया, जबकि निफ्टी (Nifty) में भी भारी गिरावट दर्ज की गई। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब जून सीरीज (June Series) की पहली वीकली एक्सपायरी (Weekly Expiry) से ठीक एक दिन पहले बाजार में निवेशक सतर्कता बरत रहे थे। बाजार में आई इस अप्रत्याशित Stock Market Crash जैसी स्थिति ने निवेशकों के बीच चिंता बढ़ा दी है और यह समझना महत्वपूर्ण है कि किन प्रमुख कारणों से बाजार पर इतना दबाव बना।

बुधवार, 29 मई को निफ्टी की मासिक एक्सपायरी (Monthly Expiry) के दिन सेंसेक्स 74775.74 और निफ्टी 23547.75 पर बंद हुए थे, जिसमें करीब डेढ़ फीसदी की कमजोरी आई थी। आज, यानी हफ्ते के पहले कारोबारी दिन, बाजार ने इस गिरावट से उबरते हुए शानदार शुरुआत की। सेंसेक्स 550 अंकों से अधिक उछलकर 75,367.93 के इंट्रा-डे हाई (Intra-day High) पर पहुंच गया, वहीं निफ्टी भी 23700 के पार निकलकर 23,733.70 के उच्चतम स्तर तक जा पहुंचा। हालांकि, ऊपरी स्तरों पर भारी मुनाफावसूली (Profit Booking) और वैश्विक भू-राजनीतिक (Geopolitical) चिंताओं के चलते बाजार में तेज गिरावट देखने को मिली। अंततः सेंसेक्स 508.40 अंक (0.68%) टूटकर 74,267.34 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 165.15 अंक (0.70%) फिसलकर 23,382.60 पर आ गया। ब्रॉडर मार्केट (Broader Market) में भी दबाव साफ दिखा, जहां निफ्टी मिडकैप 100 (Nifty Midcap 100) 1.45% और निफ्टी स्मॉलकैप 100 (Nifty Smallcap 100) आधे फीसदी से अधिक कमजोर हुए।

बाजार पर दबाव की प्रमुख वजहें

1. भू-राजनीतिक तनाव: अमेरिका-ईरान संघर्ष और कच्चे तेल में उछाल

दुनियाभर में एक बार फिर भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions) का साया गहरा गया है। अमेरिका (USA) और ईरान (Iran) के बीच बढ़ती तनातनी ने वैश्विक बाजारों को झकझोर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इजरायल (Israel) की सेना ने दक्षिणी लेबनान (Southern Lebanon) में प्रवेश कर कुछ हिस्सों पर कब्जा कर लिया है, जिसके जवाब में अमेरिका ने ईरान के रडार-ड्रोन कंट्रोल साइट्स (Radar-Drone Control Sites) को निशाना बनाया है। ईरान ने भी जवाबी हमले में एयरबेस (Airbase) को निशाना बनाया। इस तनाव का सीधा असर कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों पर पड़ा, जिसमें तेज उछाल देखने को मिला। कच्चे तेल में वृद्धि से महंगाई बढ़ने की आशंका और कंपनियों की लागत बढ़ने की चिंता ने निवेशकों को डराया।

2. सेक्टर-वार दबाव और मुनाफावसूली

आज के कारोबारी सत्र में कुछ सेक्टरों (Sectors) में भारी बिकवाली (Selling) देखने को मिली। निफ्टी एफएमसीजी (Nifty FMCG) में ढाई फीसदी से अधिक की गिरावट आई, जबकि निफ्टी पीएसयू बैंक (Nifty PSU Bank) और निफ्टी ऑटो (Nifty Auto) में करीब 2-2% की कमजोरी दर्ज की गई। निफ्टी रियल्टी (Nifty Realty) भी 2% से अधिक फिसलकर बंद हुआ, वहीं निफ्टी बैंक (Nifty Bank) भी 1% से अधिक कमजोर हुआ। बाजार में शुरुआती रिकवरी का फायदा उठाते हुए कई निवेशकों ने ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली की, जिससे बाजार पर अतिरिक्त दबाव बना। हालांकि, इस दौरान निफ्टी आईटी (Nifty IT) सेक्टर ढाई फीसदी से अधिक की बढ़त के साथ मजबूत रहा, और निफ्टी मेटल (Nifty Metal) भी आधा फीसदी मजबूत हुआ, जो बाजार को कुछ हद तक संभालने में कामयाब रहे।

3. इंडिया VIX में उछाल: निवेशकों की घबराहट बढ़ी

बाजार की घबराहट को मापने वाला इंडेक्स, इंडिया वीआईएक्स (India VIX), आज 2.20% के उछाल के साथ 16.54 पर बंद हुआ। शुरुआती कारोबार में यह 16 के नीचे था, लेकिन दिन के अंत तक इसमें आई तेजी ने निवेशकों के बीच डर और अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया। VIX में उछाल अक्सर बाजार में आने वाली संभावित अस्थिरता (Volatility) का संकेत देता है, जिससे निवेशक अपनी पोजीशन (Position) हल्की करना पसंद करते हैं।

आगे की राह: क्या कहते हैं विश्लेषक?

बाजार में आई इस गिरावट और अस्थिरता को देखते हुए विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें निकट भविष्य में बाजार के लिए चुनौती बनी रहेंगी। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) द्वारा ब्याज दरों (Interest Rates) में कटौती की उम्मीदों पर भी वैश्विक घटनाओं का असर पड़ सकता है, जिसका प्रभाव भारतीय बाजारों पर भी दिखेगा। हालांकि, आईटी और मेटल जैसे कुछ सेक्टरों में मजबूती यह दर्शाती है कि चुनिंदा शेयरों में निवेश के अवसर अभी भी मौजूद हैं। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे सावधानी बरतें और बाजार की गतिविधियों पर पैनी नजर रखें।

कुल मिलाकर, आज का कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए उतार-चढ़ाव भरा रहा। शुरुआती उत्साह के बाद भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, कुछ प्रमुख सेक्टरों में भारी बिकवाली और बढ़ती मुनाफावसूली ने बाजार को दबाव में ला दिया। इंडिया वीआईएक्स में उछाल ने निवेशकों की घबराहट को और बढ़ाया। आने वाले दिनों में वैश्विक घटनाक्रम और घरेलू आर्थिक आंकड़े बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी निवेश निर्णय से पहले विशेषज्ञों की राय अवश्य लें और बाजार जोखिमों के प्रति सचेत रहें।

*Image is AI-generated and used for representational purposes only.

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