2025 में भारतीय विदेश यात्रा ने तोड़े रिकॉर्ड: यूएई और सऊदी अरब जैसे मुस्लिम देश बने प्रमुख पसंद

2025 में भारतीय विदेश यात्रा का रिकॉर्ड, यूएई और सऊदी अरब जैसे मुस्लिम देशों की लोकप्रियता

आधुनिक भारत में विदेश यात्रा का रुझान अभूतपूर्व गति से बढ़ रहा है। वर्ष 2025 में, भारतीय विदेश यात्रा ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया, जब लगभग 3.27 करोड़ भारतीयों ने अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों का रुख किया। यह आंकड़ा न केवल बढ़ती आय और बेहतर कनेक्टिविटी को दर्शाता है, बल्कि वैश्विक अनुभवों के प्रति भारतीय नागरिकों की बढ़ती रुचि को भी उजागर करता है। यह चलन भारतीय पर्यटन उद्योग और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के लिए महत्वपूर्ण संकेत देता है, क्योंकि यह भारत को विश्व के सबसे प्रभावशाली आउटबाउंड ट्रैवल मार्केट में से एक के रूप में स्थापित कर रहा है।

भारतीय यात्रियों की बढ़ती संख्या और शीर्ष गंतव्य

पर्यटन मंत्रालय द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, 2025 में भारतीय यात्रियों के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) सबसे लोकप्रिय गंतव्य बनकर उभरा। विदेश जाने वाले हर 100 भारतीयों में से लगभग 26 ने यूएई की यात्रा की। इसकी मुख्य वजहों में भारत से इसकी निकटता, किफायती यात्रा विकल्प और दोनों देशों के बीच उपलब्ध ढेरों उड़ानें शामिल हैं। यूएई, विशेषकर दुबई, भारतीय पर्यटकों के लिए खरीदारी, मनोरंजन और सांस्कृतिक अनुभव का एक प्रमुख केंद्र बन गया है।

इस सूची में दूसरे स्थान पर सऊदी अरब रहा, जहां विदेश यात्रा करने वाले हर 100 भारतीयों में से लगभग 10 ने दौरा किया। सऊदी अरब मुख्य रूप से उमरा और अन्य धार्मिक यात्राओं के लिए भारतीय मुसलमानों का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। इसके अतिरिक्त, बड़ी संख्या में भारतीय वहां काम करते और रहते हैं, जिससे उनके परिवार के सदस्य अक्सर उनसे मिलने जाते हैं। हालांकि, हाल के आंकड़ों में इस संख्या में थोड़ी कमी देखी गई है।

तीसरे सबसे पसंदीदा देश के रूप में थाईलैंड ने अपनी जगह बनाई, जहां लगभग 7 प्रतिशत भारतीय यात्री पहुंचे। थाईलैंड अपने आकर्षक समुद्र तटों, जीवंत स्ट्रीट मार्केट और रोमांचक नाइटलाइफ के लिए जाना जाता है। यह परिवारों, जोड़ों और दोस्तों के समूहों के लिए एक बजट-अनुकूल अवकाश विकल्प प्रस्तुत करता है, जो इसे भारतीय ट्रैवलर्स के बीच बेहद लोकप्रिय बनाता है।

वैश्विक कनेक्टिविटी और भविष्य की संभावनाएं

यूएई, सऊदी अरब और थाईलैंड के अलावा, भारतीय यात्रियों की पसंद में सिंगापुर, अमेरिका, ब्रिटेन और मलेशिया जैसे अन्य प्रमुख देश भी शामिल हैं। बढ़ती वैश्विक कनेक्टिविटी और उड़ान मार्गों के विस्तार ने भारतीयों के लिए दुनिया के विभिन्न कोनों तक पहुंच को आसान बना दिया है। यह प्रवृत्ति भारत की स्थिति को विश्व के सबसे प्रभावशाली आउटबाउंड ट्रैवल मार्केट के रूप में और मजबूत करने वाली है। भारतीय यात्रियों की बढ़ती संख्या न केवल विभिन्न देशों की अर्थव्यवस्थाओं को बढ़ावा दे रही है, बल्कि भारत के उन देशों के साथ सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों को भी गहरा कर रही है।

यह आंकड़ा संकेत देता है कि भारतीय मध्यम वर्ग की आय में वृद्धि हो रही है और वे अब अनुभवों पर अधिक खर्च करने को तैयार हैं। अंतरराष्ट्रीय यात्रा अब केवल विलासिता नहीं, बल्कि कई लोगों के लिए एक सुलभ विकल्प बन गई है। एयरलाइंस, होटल उद्योग और ट्रैवल एजेंसियों के लिए यह एक बड़ा अवसर प्रस्तुत करता है, जो भारतीय बाजार की विशिष्ट आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए नए उत्पाद और सेवाएं विकसित कर रहे हैं।

आने वाले समय में भारतीय पर्यटकों की संख्या में और वृद्धि होने की प्रबल संभावना है। यह बढ़ती प्रवृत्ति भारत के सॉफ्ट पावर को बढ़ाने में भी सहायक होगी, क्योंकि भारतीय यात्री विभिन्न संस्कृतियों और अनुभवों को अपने साथ वापस लाते हैं, जिससे देश के भीतर भी वैश्विक समझ बढ़ती है। यह न केवल पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार और निवेश के नए रास्ते भी खोलेगा।

*Image is AI-generated and used for representational purposes only.

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