चंडीगढ़: हरियाणा के औद्योगिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण विकास के रूप में, जापानी एयर कंडीशनर निर्माता डाइकिन (Daikin) राज्य में ₹1000 करोड़ का बड़ा निवेश करने जा रही है। यह निवेश मानेसर में एक अत्याधुनिक अनुसंधान एवं विकास (Research & Development - R&D) केंद्र की स्थापना के लिए किया जाएगा, जिससे प्रदेश में लगभग 500 युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है। मंगलवार को चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री आवास पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और जापानी प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई बैठक में इस महत्वपूर्ण परियोजना पर सहमति बनी, जो हरियाणा के लिए एक बड़ा आर्थिक और तकनीकी बढ़ावा साबित होगी।
डाइकिन का ऐतिहासिक निवेश और अनुसंधान एवं विकास केंद्र
डाइकिन एयर कंडीशनर कंपनी का यह डाइकिन निवेश हरियाणा के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि मानेसर में स्थापित होने वाला यह अनुसंधान एवं विकास केंद्र (R&D Center) देश का अपनी तरह का पहला और सबसे बड़ा केंद्र होगा। यह पहल न केवल तकनीकी नवाचार (Technological Innovation) को बढ़ावा देगी, बल्कि हरियाणा की औद्योगिक क्षमता (Industrial Capacity) को भी मजबूत करेगी। इस केंद्र के माध्यम से एयर कंडीशनिंग और रेफ्रिजरेशन तकनीक में नई खोजों को बल मिलेगा, जिससे भारत वैश्विक स्तर पर इस क्षेत्र में अपनी पहचान बना सकेगा।
मुख्यमंत्री सैनी ने इस अवसर पर कहा कि जापानी कंपनियों का हरियाणा में निवेश के लिए लगातार बढ़ता भरोसा राज्य की उद्योग-हितैषी नीतियों का परिणाम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में और अधिक विदेशी निवेश (Foreign Investment) हरियाणा की ओर आकर्षित होगा। यह डाइकिन का कदम अन्य वैश्विक कंपनियों को भी प्रदेश में निवेश के लिए प्रेरित कर सकता है।
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हरियाणा की उद्योग-हितैषी नीतियां ला रही हैं रंग
मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि राज्य सरकार की उद्योग-हितैषी नीतियां (Industry-Friendly Policies) हरियाणा को निवेशकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बना रही हैं। सरकार ने सिंगल विंडो सिस्टम (Single Window System) को प्रभावी ढंग से लागू किया है, जिससे उद्योगों की स्थापना प्रक्रिया पहले से कहीं अधिक सरल और तेज हो गई है। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' (Ease of Doing Business) को बढ़ावा देना और 'कॉस्ट ऑफ डूइंग बिजनेस' (Cost of Doing Business) को कम करना है, ताकि निवेशक बिना किसी बाधा के अपने व्यवसाय स्थापित कर सकें और उन्हें अधिकतम लाभ मिल सके। मुख्यमंत्री ने बताया कि अक्तूबर 2025 में उनकी जापान यात्रा के दौरान हुए समझौता ज्ञापनों (Memorandum of Understanding - MoU) का असर अब जमीन पर दिखाई दे रहा है, जहां जापानी कंपनियां हरियाणा में निवेश के लिए आगे आ रही हैं।
इस महत्वपूर्ण बैठक में जापानी प्रतिनिधिमंडल की ओर से डाइकिन के एमडी (Managing Director) कमलजीत जावा, नागा मोरी और रिसर्च सेंटर के एमडी एंडो सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। हरियाणा सरकार की ओर से मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, प्रधान सचिव अरुण गुप्ता, उद्योग विभाग के महानिदेशक डॉ. यश गर्ग और अन्य अधिकारी भी शामिल हुए। राज्य सरकार का मानना है कि औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और आने वाले समय में कई और विदेशी कंपनियां हरियाणा में अपनी इकाइयां स्थापित करने के लिए आगे आएंगी।
डाइकिन का यह ₹1000 करोड़ का निवेश हरियाणा के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। यह न केवल प्रत्यक्ष रोजगार सृजित करेगा बल्कि तकनीकी कौशल विकास (Skill Development) और नवाचार (Innovation) के नए द्वार भी खोलेगा। मानेसर में बनने वाला यह अनुसंधान एवं विकास केंद्र भारत को एयर कंडीशनिंग तकनीक के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा। यह घटनाक्रम हरियाणा को वैश्विक निवेश मानचित्र पर और अधिक मजबूती से स्थापित करेगा, जिससे दीर्घकालिक आर्थिक विकास और समृद्धि की राह प्रशस्त होगी।
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