पेप्सिको इंडिया का भारत में ₹5,700 करोड़ का बड़ा निवेश: क्षमता विस्तार से मजबूत होगा कारोबार

पेप्सिको इंडिया का भारत में क्षमता विस्तार के लिए ₹5,700 करोड़ का निवेश

नई दिल्ली: भारत में अपने कारोबार को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, वैश्विक खाद्य और पेय दिग्गज पेप्सिको इंडिया (PepsiCo India) ने साल 2030 तक अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए 5,700 करोड़ रुपये के महत्वपूर्ण निवेश की घोषणा की है। कंपनी भारत को खान-पान (food) और पेय (beverage) दोनों श्रेणियों में अपार संभावनाओं वाला बाजार मान रही है, जहां खपत बढ़ाने की काफी गुंजाइश है। यह निवेश देश के विभिन्न हिस्सों में पेप्सिको के परिचालन को और अधिक सुदृढ़ करेगा।

पेप्सिको इंडिया का भारत में बड़ा निवेश और क्षमता विस्तार

पेप्सिको के मुख्य कार्य अधिकारी (CEO), भारत और दक्षिण एशिया, जागृत कोटेचा ने एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि यह भारी-भरकम निवेश रणनीतिक रूप से तीन प्रमुख क्षेत्रों में किया जाएगा। इसमें मध्य प्रदेश में एक नया कॉन्सेंट्रेट संयंत्र (concentrate plant), असम में उसके पूर्वोत्तर के संयंत्र (Northeast plant) का विस्तार और तमिलनाडु में खरीदी गई जमीन में एक नई इकाई शामिल है। तमिलनाडु में यह विस्तार एफएमसीजी (FMCG) क्षेत्र की इस दिग्गज कंपनी को दक्षिण भारत में अपने स्नैक्स कारोबार (snacks business) की उपस्थिति बढ़ाने में मदद करेगा, जो क्षेत्रीय बाजारों पर कंपनी के बढ़ते फोकस को दर्शाता है।

कोटेचा ने इस बात पर जोर दिया कि पेप्सिको इंडिया को लगातार दूसरे वर्ष अच्छी और दो अंकों में दमदार वृद्धि मिली है। उन्होंने कहा, ‘पेप्सिको इंडिया, पेप्सिको के शीर्ष 13 बाजारों (top 13 markets) का हिस्सा होने के नाते, हम भारत के प्रति प्रतिबद्ध हैं और पेप्सिको भारत को एक संभावनाशील बाजार (promising market) के रूप में देख रही है।’ यह बयान भारत में कंपनी के दीर्घकालिक विश्वास और विस्तार योजनाओं को रेखांकित करता है।

वित्तीय प्रदर्शन और विकास के आंकड़े

कंपनी के वित्तीय आंकड़ों पर गौर करें तो, साल 2025 में पेप्सिको इंडिया का कुल राजस्व (total revenue) 9,798 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की तुलना में 8 प्रतिशत अधिक है। वहीं, उसका शुद्ध लाभ (net profit) 905 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। पेप्सिको इस वृद्धि का श्रेय अपने खान-पान पोर्टफोलियो (food portfolio) में मजबूत प्रदर्शन को देती है।

पेप्सिको की मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO), भारत और दक्षिण एशिया, सविता बालाचंद्रन ने बताया, ‘साल 2025 में कारोबार की खाद्य श्रेणी (food category) में जोरदार वृद्धि हुई है, जहां हमने राजस्व में लगभग 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी। यह इजाफा हमारे पोर्टफोलियो में काफी व्यापक और बहुत जोरदार रहा है।’ उन्होंने आगे कहा कि कंपनी ने लगभग 1,580 करोड़ रुपये का एबिटा (EBITDA) दर्ज किया, जो लगभग 16.4 प्रतिशत का मार्जिन (margin) है, और लगभग 905 करोड़ रुपये का कर बाद लाभ (PAT - Profit After Tax) दर्ज किया, जो मार्जिन के लिहाज से लगभग 9.4 प्रतिशत है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि इसमें पिछले साल लागू हुई श्रम संहिता (labour code) का असाधारण प्रभाव (extraordinary impact) भी शामिल था। इस प्रभाव को हटाने पर, मार्जिन वास्तव में राजस्व वृद्धि (revenue growth) के अनुरूप ही है। पेय श्रेणी (beverage category) के प्रदर्शन के बारे में उन्होंने स्वीकार किया कि कंपनी को मौसम के कारण कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ा और प्रतिस्पर्धा में भी वृद्धि देखी गई।

भारत के बाजार में पेप्सिको की रणनीति और भविष्य की संभावनाएं

पेप्सिको इंडिया का यह बड़ा निवेश ऐसे समय में आया है जब भारत में उपभोक्ता वस्तुओं (consumer goods) की मांग लगातार बढ़ रही है, खासकर खाद्य और पेय पदार्थों के क्षेत्र में। कंपनी की रणनीति केवल क्षमता विस्तार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत के विविध भौगोलिक क्षेत्रों में अपनी पहुंच को गहरा करने और स्थानीय उपभोक्ताओं की बदलती जरूरतों को पूरा करने पर भी केंद्रित है। मध्य प्रदेश में कॉन्सेंट्रेट संयंत्र से उत्पादन दक्षता (production efficiency) बढ़ेगी, जबकि असम में विस्तार से पूर्वोत्तर के बाजारों में कंपनी की पकड़ मजबूत होगी। तमिलनाडु में स्नैक्स कारोबार का विस्तार दक्षिण भारत के बड़े और बढ़ते बाजार को भुनाने में सहायक होगा।

कोटेचा ने यह भी बताया कि कंपनी पिछले दो वर्षों में अपनी क्षमताओं का लगातार विकास और विस्तार कर रही है, जिससे भारत में पेप्सिको और भी ज्यादा सटीक और बारीकी से काम करने में सक्षम हो गई है। यह निवेश न केवल पेप्सिको के लिए विकास के नए द्वार खोलेगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं को भी बढ़ावा देगा और रोजगार के अवसर (employment opportunities) पैदा करेगा। यह भारत की मजबूत आर्थिक वृद्धि और बड़े उपभोक्ता आधार (consumer base) पर बहुराष्ट्रीय कंपनियों के बढ़ते विश्वास का प्रतीक है।

कुल मिलाकर, पेप्सिको इंडिया का यह ₹5,700 करोड़ का निवेश भारत के प्रति उसकी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता और यहां के विशाल बाजार की क्षमता में उसके अटूट विश्वास को दर्शाता है। यह कदम कंपनी को आगामी वर्षों में अपनी बाजार हिस्सेदारी (market share) बढ़ाने और उपभोक्ता प्राथमिकताओं को बेहतर ढंग से पूरा करने में मदद करेगा, जिससे भारतीय एफएमसीजी क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा और नवाचार (innovation) को बढ़ावा मिलेगा।

*Image is AI-generated and used for representational purposes only.

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