चेन्नई/दिल्ली: तमिलनाडु की राजनीति में हलचल मचाने वाली खबर सामने आई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रमुख नेताओं में से एक के. अन्नामलाई ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। 'न्यूज 18' की रिपोर्ट के अनुसार, अन्नामलाई ने मंगलवार (2 जून) को BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन (Nitin Nabin) से मुलाकात के दौरान अपना इस्तीफा सौंप दिया। इस अन्नामलाई के इस्तीफे की खबर ने तमिलनाडु के राजनीतिक गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म कर दिया है कि वह जल्द ही अपनी नई पार्टी का ऐलान कर सकते हैं। हालांकि, BJP की ओर से उनके इस्तीफे की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, जिससे स्थिति फिलहाल अनिश्चित बनी हुई है।
पूर्व IPS अधिकारी अन्नामलाई की यह कथित राजनीतिक चाल ऐसे समय में आई है, जब उन्हें हाल ही में तमिलनाडु BJP अध्यक्ष पद से हटाकर नैनार नागेंद्रन (Nainar Nagendran) को नियुक्त किया गया था। इस बदलाव के बाद से ही यह कयास लगाए जा रहे थे कि अन्नामलाई BJP से अलग राह चुन सकते हैं, क्योंकि उन्हें पार्टी में अपना भविष्य अस्पष्ट लगने लगा था। सूत्रों के मुताबिक, नितिन नबीन और संगठन सचिव बी.एल. संतोष (B.L. Santosh) के साथ हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में अन्नामलाई ने सौहार्दपूर्ण ढंग से पार्टी से अलग होने की इच्छा व्यक्त की।
अन्नामलाई के इस्तीफे की अटकलें और BJP का रुख
सूत्रों ने 'न्यूज 18' को बताया कि अन्नामलाई ने पार्टी नेतृत्व से स्पष्ट कहा है कि वह अब अपना रास्ता खुद बनाना चाहते हैं। इन घटनाक्रमों के बीच, आज शाम 4 बजे उनकी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) से मुलाकात की भी खबरें हैं, जो इस राजनीतिक घटनाक्रम को और भी दिलचस्प बनाती हैं। हालांकि, BJP नेतृत्व अभी भी इस पूर्व IPS अधिकारी को पार्टी में बनाए रखने की कोशिशों पर विचार कर रहा है। ऐसी संभावना है कि उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर कोई नई और बड़ी भूमिका दी जा सकती है। सूत्रों के अनुसार, अन्नामलाई को अगले निर्देश तक दिल्ली न छोड़ने के लिए कहा गया है।
अन्नामलाई ने खुद सोमवार को चेन्नई एयरपोर्ट (Chennai Airport) पर पत्रकारों से बातचीत में इन अटकलों पर विराम लगाने का संकेत दिया था। नई राजनीतिक पार्टी बनाने की संभावनाओं के सवाल पर उन्होंने कहा था कि वह आगामी दो दिनों में अपनी स्थिति स्पष्ट करेंगे। उन्होंने पत्रकारों से धैर्य रखने का आग्रह करते हुए कहा, "कृपया प्रतीक्षा करें। हम दो दिन में बैठकर बात करेंगे।"
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अन्नामलाई की पृष्ठभूमि, CBSE विवाद और संभावित नई पार्टी
हाल ही में, अन्नामलाई ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा मौजूदा शैक्षणिक वर्ष से 9वीं कक्षा के छात्रों के लिए तीन-भाषा नीति (Three-language policy) लागू करने की घोषणा का पुरजोर विरोध किया था और इसे वापस लेने की मांग की थी। उनके इस रुख ने इन अटकलों को और हवा दी कि वह केंद्र सरकार की नीतियों से असंतुष्ट हैं और अपनी खुद की राजनीतिक जमीन तैयार कर रहे हैं।
अन्नामलाई तमिलनाडु की राजनीति में एक मजबूत चेहरा माने जाते हैं। उन्होंने भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के पूर्व अधिकारी के रूप में अपनी पहचान बनाई और 2021 के विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) में टीटीवी दिनाकरन (TTV Dhinakaran) और पूर्व मुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम (O. Panneerselvam) को BJP गठबंधन में शामिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। हालांकि, BJP आलाकमान द्वारा उन्हें प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाकर नैनार नागेंद्रन को नियुक्त करने और 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (AIADMK) के साथ चुनावी समझौता करने के बाद से वह पार्टी की मुख्यधारा से कुछ दूर होते दिखाई दिए।
कोयंबटूर (Coimbatore) क्षेत्र के BJP सदस्यों ने हालांकि अन्नामलाई से 2026 के विधानसभा चुनाव में मैदान में उतरने की उम्मीद जताई थी, लेकिन बाद में उन्होंने चुनावी मैदान से दूर रहने का फैसला स्पष्ट कर दिया था। BJP के कुछ सूत्रों का मानना है कि अन्नामलाई के पार्टी छोड़ने की संभावना कम है, क्योंकि उन्हें पार्टी में और बड़ी भूमिका दी जा सकती है।
कुल मिलाकर, अन्नामलाई के राजनीतिक भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। उनके अगले दो दिनों में दिए जाने वाले बयान पर सबकी निगाहें टिकी हैं, जो तमिलनाडु की राजनीति और BJP की दक्षिणी रणनीति पर गहरा असर डाल सकता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या वह BJP में अपनी नई भूमिका स्वीकार करते हैं या एक स्वतंत्र राजनीतिक राह चुनते हुए अपनी नई पार्टी का गठन करते हैं।
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