फ्रांस में आयोजित सालाना G7 समिट (G7 Summit) का समापन भारत और फ्रांस के बीच बढ़ती गर्मजोशी और व्यक्तिगत संबंधों की एक नई मिसाल के साथ हुआ। इस दौरान, फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हिंदी में विदाई देकर सबको चौंका दिया। उनके शब्द थे, "प्रिय मित्र नरेंद्र, मुझे बहुत खुशी है, दौरे के लिए स्वागत करते हुए। फ्रांस और भारत की दोस्ती अमर रहे। जय हिंद।" यह अनूठा भाव न केवल दोनों देशों के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंधों (bilateral relations) को दर्शाता है, बल्कि वैश्विक कूटनीति (global diplomacy) में व्यक्तिगत तालमेल के बढ़ते महत्व को भी उजागर करता है। यह घटना भारत और फ्रांस के रणनीतिक साझेदारी (strategic partnership) के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण है, जो भविष्य के सहयोग की नींव रखती है।
मैक्रों का हिंदी में संबोधन और PM मोदी का भारत आने का न्योता
G7 समिट के समापन के बाद, राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फ्रांस की सफल यात्रा पर आभार व्यक्त करते हुए अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक वीडियो साझा किया। इस वीडियो में, उन्होंने पहले धाराप्रवाह हिंदी में पीएम मोदी को विदाई दी, जिसके बाद उन्होंने अंग्रेजी में यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि उन्होंने हिंदी सही तरीके से बोली है। उन्होंने आगे कहा, "आपकी इस यात्रा के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। हमारी दोस्ती के लिए शुक्रिया। ये दौरा बेहद कामयाब रहा। फ्रांस आपसे प्यार करता है। हम फरवरी में आपसे दोबारा मिलने के लिए उत्सुक हैं।"
इस भावपूर्ण विदाई पर, प्रधानमंत्री मोदी ने मैक्रों से उनका वादा याद दिलाया। उन्होंने कहा कि अब मैक्रों को भी अपना वादा पूरा करना है और भारत आना है। इस पर फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए पुष्टि की कि वह अगले साल फरवरी में भारत आएंगे। यह आदान-प्रदान दोनों नेताओं के बीच गहरे व्यक्तिगत सौहार्द और मजबूत विश्वास को दर्शाता है, जो अंतरराष्ट्रीय मंच पर अक्सर देखने को नहीं मिलता।
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पीएम मोदी के रिकॉर्ड कार्यकाल पर भी दी थी बधाई
यह पहला मौका नहीं था जब इमैनुएल मैक्रों ने पीएम मोदी के प्रति विशेष सम्मान व्यक्त किया हो। इससे पहले, भारत इनोवेट्स 2026 (Bharat Innovates 2026) के उद्घाटन के दौरान, मैक्रों ने औपचारिक रूप से प्रधानमंत्री मोदी को भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर बधाई दी थी। उन्होंने इस उपलब्धि की प्रशंसा करते हुए कहा था कि यह मील का पत्थर प्रधानमंत्री के नेतृत्व और भारतीय लोकतंत्र (Indian democracy) की मजबूती दोनों को दर्शाता है। मैक्रों ने कार्यक्रम में कहा था कि "यह आपके दृढ़ संकल्प वाले कार्यों, आपके देश की ताकत और उसकी महान उपलब्धियों के बारे में बहुत कुछ बताता है। यह वास्तव में अद्भुत है।" गौरतलब है कि 10 जून 2026 को प्रधानमंत्री मोदी ने लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में 4,399 दिनों का कार्यकाल पूरा किया था, जिससे उन्होंने भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू (Jawaharlal Nehru) का 4,398 दिनों का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया था। नेहरू ने यह कार्यकाल 1952 से 1964 के बीच पूरा किया था।
भारत-फ्रांस संबंधों में नई ऊंचाइयां और भविष्य की संभावनाएं
मैक्रों का हिंदी में संबोधन और पीएम मोदी के रिकॉर्ड कार्यकाल पर उनकी बधाई, भारत और फ्रांस के बीच रणनीतिक साझेदारी (strategic partnership) को एक नया आयाम देते हैं। यह घटनाक्रम दर्शाता है कि दोनों देश न केवल भू-राजनीतिक (geopolitical) और आर्थिक मोर्चों पर सहयोग कर रहे हैं, बल्कि सांस्कृतिक और व्यक्तिगत स्तर पर भी एक-दूसरे से जुड़ने का प्रयास कर रहे हैं। इस तरह के व्यक्तिगत स्पर्श वैश्विक मंच पर देशों के बीच विश्वास और समझ को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
फ्रांसीसी राष्ट्रपति की आगामी भारत यात्रा, जो फरवरी में प्रस्तावित है, दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करने का अवसर प्रदान करेगी। यह यात्रा रक्षा, प्रौद्योगिकी (technology), व्यापार और जलवायु परिवर्तन (climate change) जैसे क्षेत्रों में सहयोग के नए रास्ते खोल सकती है। भारत और फ्रांस के बीच यह बढ़ती दोस्ती न केवल दोनों देशों के लिए, बल्कि एक बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था (multipolar world order) के निर्माण में भी महत्वपूर्ण है, जहां विभिन्न संस्कृतियों और भाषाओं का सम्मान किया जाता है।
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