26 साल के डायरेक्टर ने 10 करोड़ में बनाई 'ऑब्सेशन' फिल्म, कमाए 1400 करोड़: हॉलीवुड का नया 'ऑब्सेशन'!

26 वर्षीय डायरेक्टर करी बार्कर की हॉरर फिल्म 'ऑब्सेशन' की बॉक्स ऑफिस पर बंपर कमाई की तस्वीर

हॉलीवुड की दुनिया में इन दिनों एक फिल्म ने तहलका मचा रखा है, और यह फिल्म है 'ऑब्सेशन' (Obsession)। यह कोई आम ब्लॉकबस्टर नहीं है, बल्कि एक ऐसी कहानी है जहाँ कम बजट और नए चेहरों ने मिलकर बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रच दिया है। मात्र 26 साल के युवा डायरेक्टर करी बार्कर (Kari Barker) की इस सुपरनेचुरल हॉरर फिल्म ने दुनिया भर में अपने बजट से 150 गुना ज्यादा कमाई कर हर किसी को हैरान कर दिया है। यह खबर न केवल फिल्म उद्योग (film industry) के लिए बल्कि उन सभी महत्वाकांक्षी फिल्म निर्माताओं (filmmakers) के लिए भी महत्वपूर्ण है जो बड़े सपनों को हकीकत में बदलने का हौसला रखते हैं।

ऑब्सेशन फिल्म: 10 करोड़ से भी कम में बनी और 1400 करोड़ कमाए

हॉलीवुड की हॉरर फिल्म 'ऑब्सेशन' (Obsession) ने बिना किसी बड़े स्टार, बड़े डायरेक्टर या भारी-भरकम बजट के भी वैश्विक बॉक्स ऑफिस (global box office) पर शानदार प्रदर्शन किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस फिल्म का बजट 750,000 से 1 मिलियन डॉलर्स के बीच है, जो भारतीय रुपये में लगभग 7 करोड़ से 9.5 करोड़ रुपये के बराबर है। यह बजट भारत की सफल हॉरर-कॉमेडी 'स्त्री' (Stree) (2018) के आधे से भी कम है, जिसका बजट 20-30 करोड़ रुपये था। यहां तक कि किरण राव की 'लापता लेडीज' (Laapataa Ladies) (2023) का बजट भी लगभग 11 करोड़ रुपये था, जो 'ऑब्सेशन' से अधिक है।

फिल्म के डायरेक्टर करी बार्कर ने यूट्यूब वीडियो (YouTube videos) बनाकर फिल्ममेकिंग में कदम रखा था और शॉर्ट फिल्में (short films) बनाकर सिनेमा समुदाय (cinema community) को प्रभावित किया था। फिल्म के लीड एक्टर्स माइकल जॉन्सटन (Michael Johnston) और इंडी नवेरेत्ती (Indi Navarrete) भी बड़े नाम नहीं हैं; वे अभी टीवी (TV) से फिल्मों में अपनी पहचान बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

रिकॉर्ड तोड़ डील और बॉक्स ऑफिस पर कब्जा

पिछले साल टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (TIFF) के मिडनाइट मैडनेस सेक्शन (Midnight Madness section) में 'ऑब्सेशन' का प्रीमियर हुआ था। इसके एक महीने बाद ही यूएस (US) की बड़ी फिल्म डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों (film distribution companies) में से एक, फोकस फीचर्स (Focus Features) ने इसे 14-15 मिलियन डॉलर (लगभग 133-142 करोड़ भारतीय रुपये) में खरीद लिया था। यह TIFF के इतिहास में किसी जॉनर फिल्म (genre film) के लिए सबसे महंगी डील (deal) थी।

रिलीज के बाद 'ऑब्सेशन' ने सभी ट्रेड पंडितों (trade pundits) को चौंका दिया। नॉर्थ अमेरिकन (North American) बॉक्स ऑफिस पर पहले वीकेंड में 8-10 मिलियन डॉलर की उम्मीद थी, लेकिन फिल्म ने पहले दिन ही 7 मिलियन डॉलर (लगभग 66 करोड़ रुपये) का कलेक्शन किया। ओपनिंग वीकेंड में यह आंकड़ा 17.2 मिलियन डॉलर (लगभग 163 करोड़ रुपये) को पार कर गया, जिसका मतलब है कि फोकस फीचर्स ने जितने में फिल्म खरीदी थी, उससे ज्यादा कमाई तो ओपनिंग वीकेंड में ही हो गई। कॉमस्कोर (Comscore) के अनुसार, 17 दिनों में इसका कुल वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन (worldwide gross collection) करीब 148 मिलियन डॉलर, यानी 1400 करोड़ भारतीय रुपये से ज्यादा हो चुका है।

भारत में भी 'ऑब्सेशन' का डंका

वैश्विक स्तर पर ही नहीं, भारत में भी 'ऑब्सेशन' ने शानदार प्रदर्शन किया। बीते वीकेंड शुक्रवार को 900 से भी कम शोज (shows) के साथ इसने 1.75 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन (net collection) किया। दर्शकों की मांग देखते हुए शोज बढ़ाए गए और शनिवार को 2.75 करोड़, जबकि रविवार को लगभग 1400 शोज के साथ 3.25 करोड़ रुपये का कलेक्शन हुआ। इस तरह, भारत में 'ऑब्सेशन' ने बीते वीकेंड में कुल 7.7 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की।

इसी वीकेंड में रिलीज हुईं कई हिंदी फिल्मों जैसे अक्षय कुमार की 'भूत बंगला' (2.45 करोड़), 'कृष्णावतारम' (2.8 करोड़), 'चाँद मेरा दिल' (4.85 करोड़) और 'पति पत्नी और वो दो' (5 करोड़) से 'ऑब्सेशन' ने काफी बेहतर प्रदर्शन किया। जबकि इन हिंदी फिल्मों को 'ऑब्सेशन' से कहीं ज्यादा शोज मिले थे। यह साफ दर्शाता है कि अच्छी कहानी और दमदार कंटेंट (content) बड़े नामों और बड़े बजट पर भारी पड़ सकता है, और दर्शकों के बीच हॉरर जॉनर (horror genre) की लोकप्रियता अभी भी बरकरार है।

'ऑब्सेशन' की यह सफलता फिल्म उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत है। यह साबित करता है कि दर्शक अब केवल बड़े सितारों या भव्य सेटिंग्स (grand settings) के पीछे नहीं भागते, बल्कि वे अच्छी कहानी और नए विचारों (fresh ideas) को महत्व देते हैं। यह युवा और स्वतंत्र फिल्म निर्माताओं (independent filmmakers) को प्रेरित करेगा कि वे अपने अनूठे दृष्टिकोण (unique vision) को पर्दे पर उतारने का साहस करें। यह फिल्म भविष्य में सिनेमा के निर्माण और वितरण (production and distribution) के तरीकों को भी प्रभावित कर सकती है, जहाँ कंटेंट ही किंग (content is king) होगा।

*Image is AI-generated and used for representational purposes only.

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