ईस्टर पर पीएम मोदी, राष्ट्रपति मुर्मु और ओम बिरला ने दीं शुभकामनाएं, साझा किया आशा और एकता का संदेश

प्रधानमंत्री मोदी, राष्ट्रपति मुर्मु और ओम बिरला ने ईस्टर पर दीं शुभकामनाएं, भारतीय समुदाय खुशी मना रहा है।

नई दिल्ली: देश भर में ईसाई समुदाय द्वारा मनाए जा रहे ईस्टर (Easter) के पावन पर्व पर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi), राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु (President Droupadi Murmu) और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला (Lok Sabha Speaker Om Birla) ने देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इन शीर्ष नेताओं ने इस विशेष अवसर पर संदेश जारी कर ईस्टर के महत्व और इससे जुड़े मूल्यों को साझा किया, जो आशा, प्रेम और नए जीवन का प्रतीक है। यह पर्व देश की धर्मनिरपेक्ष भावना और विविध सांस्कृतिक ताने-बाने को दर्शाता है, जहां सभी समुदायों के त्योहारों को सम्मान दिया जाता है।

राष्ट्रीय नेताओं ने ईस्टर पर दीं शुभकामनाएं और साझा किया पर्व का महत्व

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने बधाई संदेश में ईस्टर को आशा और नए जीवन का पवित्र प्रतीक बताया। उन्होंने कामना की कि यह पर्व सभी के जीवन में शांति, खुशी और उजाला लेकर आए। पीएम मोदी ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि यीशु मसीह (Jesus Christ) की शिक्षाएं लोगों को दयालु बनने और समाज में एकता की भावना को मजबूत करने के लिए प्रेरित करती हैं। उनका यह संदेश समावेशी विकास और सामाजिक सद्भाव के सरकार के दृष्टिकोण को दर्शाता है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भी ईस्टर के अवसर पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पावन दिन भगवान यीशु मसीह के पुनरुत्थान (Resurrection) की याद दिलाता है। उन्होंने इस अवसर को सत्य, प्रेम, करुणा, त्याग और क्षमा जैसे शाश्वत मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरणादायक बताया। राष्ट्रपति मुर्मु ने देशवासियों से सामूहिक रूप से शांति, सद्भाव और भाईचारे को बढ़ावा देने का संकल्प लेने की अपील की, जो राष्ट्र निर्माण के लिए आवश्यक हैं।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी ईस्टर की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह दिन नए आरंभ, आस्था को मजबूत करने और जीवन में खुशी, शांति तथा ईश्वर की कृपा के अनगिनत आशीर्वाद लाने का संदेश देता है। उनके संदेश में सकारात्मकता और आध्यात्मिक उत्थान पर विशेष बल दिया गया।

ईस्टर का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व

ईस्टर ईसाई धर्म (Christianity) का सबसे महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है, जो यीशु मसीह के पुनरुत्थान के रूप में मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रोमन शासन द्वारा सूली पर चढ़ाए जाने के तीन दिन बाद यीशु मसीह मृतकों में से जीवित हो उठे थे। इस घटना को पाप और मृत्यु पर जीत का प्रतीक माना जाता है। ईस्टर, ‘होली वीक’ (Holy Week) का अंतिम और सबसे प्रमुख दिन भी है, जिसमें पाम संडे (Palm Sunday), मौंडी थर्सडे (Maundy Thursday) और गुड फ्राइडे (Good Friday) जैसे महत्वपूर्ण दिन शामिल होते हैं। ये सभी दिन यीशु मसीह के अंतिम सप्ताह की घटनाओं को दर्शाते हैं।

इस पर्व से जुड़े ‘ईस्टर एग्स’ (Easter Eggs) भी एक खास परंपरा है। अंडे नए जीवन और खाली कब्र का प्रतीक माने जाते हैं। परंपरागत रूप से इन्हें लाल रंग में रंगा जाता है, जो मसीह के रक्त का प्रतीक होता है। यह परंपरा सदियों से चली आ रही है और बच्चों के बीच विशेष रूप से लोकप्रिय है।

निष्कर्ष

राष्ट्रीय नेताओं द्वारा ईस्टर पर दी गई शुभकामनाएं न केवल ईसाई समुदाय के प्रति सम्मान दर्शाती हैं, बल्कि देश की बहुलतावादी संस्कृति और सहिष्णुता के मूल्यों को भी रेखांकित करती हैं। ये संदेश समाज में एकता, शांति और सद्भाव को बढ़ावा देने का आह्वान करते हैं, जो किसी भी राष्ट्र की प्रगति के लिए मूलभूत आवश्यकताएं हैं। ऐसे अवसरों पर शीर्ष नेतृत्व का सक्रिय भागीदारी दिखाना विभिन्न समुदायों के बीच संबंधों को मजबूत करने और राष्ट्रीय एकता की भावना को सुदृढ़ करने में सहायक होता है।

*Image is AI-generated and used for representational purposes only.

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