Closing Bell: बाजार में भारी उथल-पुथल! 1050 अंक टूटने के बाद संभला सेंसेक्स, IT शेयरों ने दिया सहारा

भारतीय शेयर बाजार में भारी उथल-पुथल के बाद सेंसेक्स की रिकवरी, आईटी शेयरों का सहारा

सोमवार को भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) में जबरदस्त उथल-पुथल देखने को मिली। दिन की शुरुआत भारी गिरावट के साथ हुई, जब सेंसेक्स (Sensex) एक समय पर 1050 अंक से अधिक टूट गया था। हालांकि, कारोबार के अंत तक बाजार ने निचले स्तरों से शानदार रिकवरी की और लगभग सपाट बंद होने में कामयाब रहा। इस रिकवरी में प्रमुख रूप से सूचना प्रौद्योगिकी (IT) क्षेत्र के शेयरों ने अहम भूमिका निभाई, जबकि कमजोर वैश्विक संकेतों (Global Cues), कच्चे तेल (Crude Oil) की बढ़ती कीमतों और भारतीय रुपये (Indian Rupee) में लगातार आ रही कमजोरी ने बाजार पर दबाव बनाए रखा।

दिनभर के उतार-चढ़ाव के बाद बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स महज 77.05 अंक या 0.10 फीसदी की मामूली बढ़त के साथ 75,315.04 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 6.45 अंक या 0.03 फीसदी की बढ़त के साथ 23,649.95 के स्तर पर रुका। विभिन्न सेक्टरों में अलग-अलग रुझान देखने को मिला, जिसने बाजार को एक दिशा में बढ़ने से रोका।

सेंसेक्स और निफ्टी में भारी उतार-चढ़ाव: एक विस्तृत विश्लेषण

सोमवार को बाजार की शुरुआत ही कमजोर नोट पर हुई। सेंसेक्स पिछले बंद स्तर 75,237.99 के मुकाबले 74,807.97 पर खुला। कारोबार के दौरान इसने 75,466.60 का ऊपरी स्तर छुआ, लेकिन इसके बाद अचानक तेज बिकवाली (Selling Pressure) हावी हुई और सेंसेक्स फिसलकर 74,180.26 के निचले स्तर पर चला गया। यह पिछले बंद स्तर से 1,057.73 अंक या 1.41 फीसदी की बड़ी गिरावट थी। निफ्टी 50 में भी ऐसा ही नजारा दिखा, जो दिन के निचले स्तर पर 23,317.10 तक आ गया था, जो पिछले बंद से 326.40 अंक नीचे था।

इस भारी उथल-पुथल के बीच आईटी (IT) सेक्टर के शेयरों ने बाजार को सबसे बड़ा सहारा दिया। निफ्टी आईटी इंडेक्स 2.43 फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुआ। टेक महिंद्रा (Tech Mahindra) के शेयरों में 4.97 फीसदी, जबकि इंफोसिस (Infosys) में 2.47 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। इनके अलावा एचसीएल टेक (HCL Tech) और टीसीएस (TCS) के शेयर भी हरे निशान में बंद हुए। भारती एयरटेल (Bharti Airtel), बजाज फाइनेंस (Bajaj Finance), सन फार्मा (Sun Pharma), कोटक बैंक (Kotak Bank), टाइटन (Titan), आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) और एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) जैसे बड़े दिग्गजों ने भी बढ़त बनाई।

इसके विपरीत, टाटा स्टील (Tata Steel) का शेयर 3.09 फीसदी, पावर ग्रिड (Power Grid) 2.89 फीसदी, एसबीआई (SBI) और एनटीपीसी (NTPC) 2-2 फीसदी से ज्यादा टूट गए। ऑटो (Auto), पीएसयू बैंक (PSU Bank) और मेटल (Metal) जैसे सेक्टरों में गिरावट का दबाव साफ दिखा। ब्रॉडर मार्केट (Broader Market) यानी छोटे और मझोले शेयरों (Smallcap and Midcap) पर भी दबाव रहा, निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 1.21 फीसदी से 1.49 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई।

वैश्विक दबाव और रुपये की कमजोरी: बाजार पर असर

बाजार में शुरुआती गिरावट की मुख्य वजह कमजोर वैश्विक संकेत थे। पिछले शुक्रवार को अमेरिकी बाजारों में डाओ जोंस (Dow Jones) करीब 550 अंक टूट गया था, जिसका असर एशियाई बाजारों (Asian Markets) पर भी पड़ा। इसके साथ ही, कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जो भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए चिंता का विषय है। भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर (USD) के मुकाबले 96.25 के नए रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया, जिसने बाजार के मूड को और खराब किया। हालांकि, निचले स्तरों पर विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की खरीदारी और आईटी (IT) सेक्टर की मजबूती ने बाजार को संभालने में मदद की।

तकनीकी रूप से, बैंक निफ्टी (Bank Nifty) इंडेक्स में जोरदार एक्शन दिखा और इसने अप्रैल में बने अपने एक पुराने 'गैप' (Gap) को भर दिया है। बैंक निफ्टी के लिए अब 52,600 से 52,800 की रेंज में मजबूत सपोर्ट (Support) है, जबकि ऊपर की तरफ 53,700 और 54,150 पर रुकावट (Resistance) का सामना करना पड़ सकता है, जहां प्रॉफिट बुकिंग (Profit Booking) देखी जा सकती है। बाजार में नया मंदी का दौर तभी शुरू होगा जब यह 52,500 के स्तर से नीचे बंद हो।

कुल मिलाकर, सोमवार का दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए अस्थिरता भरा रहा। वैश्विक कारकों और घरेलू चुनौतियों के बीच बाजार ने अपनी लचीलापन दिखाया। हालांकि, निवेशकों को आगे भी कच्चे तेल की कीमतों, रुपये की चाल और वैश्विक बाजार के रुझानों पर कड़ी नजर रखनी होगी, क्योंकि ये कारक निकट भविष्य में बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

*Image is AI-generated and used for representational purposes only.

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