राहुल गांधी की वित्त मंत्री को चिट्ठी: ECHS फंडिंग और दिव्यांगता पेंशन पर उठाई चिंता

राहुल गांधी ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को ECHS फंडिंग और दिव्यांगता पेंशन पर लिखी चिट्ठी

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को चिट्ठी लिखकर भूतपूर्व सैनिकों (Ex-Servicemen) से जुड़े दो गंभीर मुद्दों पर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। इन मुद्दों में पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ECHS) की फंडिंग का संकट और दिव्यांगता पेंशन पर प्रस्तावित आयकर शामिल हैं। यह पत्र संसद भवन में पूर्व सैनिकों के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के बाद लिखा गया है, जिन्होंने राहुल गांधी को अपनी परेशानियों से अवगत कराया था। यह खबर लाखों पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के स्वास्थ्य और वित्तीय सुरक्षा से जुड़ी होने के कारण अत्यंत महत्वपूर्ण है, जो देश की सेवा में अपना जीवन समर्पित कर चुके हैं।

ECHS फंडिंग संकट: पूर्व सैनिकों की स्वास्थ्य सेवाओं पर मंडराया खतरा

राहुल गांधी ने अपने पत्र में पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ECHS) की वर्तमान वित्तीय स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यह योजना, जिसका मुख्य उद्देश्य पूर्व सैनिकों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है, इस समय एक बड़े फंडिंग संकट से जूझ रही है। पत्र के अनुसार, योजना के तहत 12,000 करोड़ रुपये से अधिक के मेडिकल बिल लंबित पड़े हैं, और मौजूदा बजट आवंटन वास्तविक आवश्यकता से लगभग 30 प्रतिशत कम है।

इस भुगतान में देरी के गंभीर परिणाम सामने आ रहे हैं। कई निजी अस्पताल ECHS योजना से बाहर हो रहे हैं, जिससे पूर्व सैनिकों को अपनी जेब से भारी खर्च उठाना पड़ रहा है या फिर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज में देरी का सामना करना पड़ रहा है। राहुल गांधी ने इस स्थिति को 'देश की सेवा कर चुके सैनिकों के साथ अन्याय' करार दिया है और वित्त मंत्री से तत्काल समाधान खोजने का आग्रह किया है ताकि इन बहादुर सैनिकों को उचित स्वास्थ्य सेवा मिल सके।

दिव्यांगता पेंशन पर आयकर: एक विवादास्पद प्रस्ताव

ECHS के मुद्दे के साथ ही, राहुल गांधी ने वित्त विधेयक 2026 में प्रस्तावित एक और प्रावधान पर कड़ी आपत्ति जताई है। यह प्रावधान सेवा में बने रहने वाले सैनिकों की दिव्यांगता पेंशन पर आयकर लगाने की बात कहता है। पत्र में इस बात का जिक्र है कि 1922 के बाद यह पहली बार होगा जब दिव्यांगता पेंशन को कर के दायरे में लाया जाएगा।

राहुल गांधी ने अपने पत्र में तर्क दिया है कि दिव्यांगता पेंशन को आय के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसे चोटिल सैनिकों को दी जाने वाली राहत माना जाना चाहिए। उनका कहना है कि जो सैनिक घायल होने के बावजूद देश सेवा जारी रखते हैं, वे विशेष सम्मान के पात्र हैं, न कि कराधान के। उन्होंने वित्त मंत्री से इस प्रस्ताव को तुरंत वापस लेने और दिव्यांगता पेंशन पर पूर्ण आयकर छूट बहाल करने का आग्रह किया है, जैसा कि पहले था। यह कदम सैनिकों के मनोबल और उनके प्रति राष्ट्र के सम्मान को बनाए रखने के लिए आवश्यक है।

इन मुद्दों पर राहुल गांधी का पत्र सरकार पर दबाव बढ़ाने वाला है, विशेषकर ऐसे समय में जब पूर्व सैनिकों का कल्याण एक संवेदनशील मुद्दा बना हुआ है। ECHS फंडिंग की कमी और दिव्यांगता पेंशन पर आयकर लगाने का प्रस्ताव, दोनों ही उन सैनिकों को प्रभावित करते हैं जिन्होंने देश की सुरक्षा के लिए अपने जीवन का बलिदान दिया है। इन मांगों पर सरकार की प्रतिक्रिया भविष्य में पूर्व सैनिकों के कल्याण से संबंधित नीतियों की दिशा तय करेगी। दीर्घकालिक दृष्टिकोण से, ECHS के लिए एक स्थायी और पर्याप्त फंडिंग मॉडल विकसित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है, ताकि भविष्य में ऐसी वित्तीय संकट की स्थिति उत्पन्न न हो। वहीं, दिव्यांगता पेंशन पर कर लगाने जैसे प्रस्तावों पर पुनर्विचार से सैनिकों में विश्वास की भावना बनी रहेगी।

*Image is AI-generated and used for representational purposes only.

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