NSA अजीत डोभाल का मास्टरस्ट्रोक: दिल्ली में ब्रिक्स के धुरंधरों संग 'अदृश्य खतरों' पर महा-प्लान

NSA अजीत डोभाल दिल्ली में ब्रिक्स सुरक्षा सलाहकारों की बैठक में AI, साइबर वॉरफेयर और डीपफेक जैसे अदृश्य खतरों पर चर्चा कर रहे हैं.

भारत के सबसे अचूक रणनीतिकारों में से एक, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल, एक बार फिर वैश्विक कूटनीति के केंद्र में हैं। दिल्ली में 22 और 23 जून को ब्रिक्स (BRICS) देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की एक महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है, जिसकी अध्यक्षता स्वयं अजीत डोभाल करेंगे। यह बैठक सिर्फ एक सामान्य कूटनीतिक जमावड़ा नहीं है, बल्कि दुनिया के उन अदृश्य और उभरते खतरों से निपटने के लिए एक महा-प्लान तैयार करने का मंच है, जो पारंपरिक युद्ध से कहीं ज्यादा विनाशकारी हो सकते हैं। इस एजेंडे में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), साइबर वॉरफेयर (Cyber Warfare) और डीपफेक (Deepfake) जैसी चुनौतियाँ प्रमुखता से शामिल हैं, जो आज हर आम नागरिक से लेकर राष्ट्रों तक के लिए चिंता का विषय बन चुकी हैं।

विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs - MEA) द्वारा शनिवार को की गई आधिकारिक घोषणा ने वैश्विक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। इस 16वीं ब्रिक्स राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक में चीन के विदेश मंत्री वांग यी (Wang Yi), रूस की सुरक्षा परिषद के सचिव सर्गेई शोइगु (Sergei Shoigu) और ईरान के सुरक्षा उप-प्रमुख नेज़ामीपोर (Nezamipour) जैसे धुरंधर शामिल होने के लिए दिल्ली आ रहे हैं। यह जमावड़ा भारत की कूटनीतिक पहुँच और उसकी बढ़ती वैश्विक भूमिका का स्पष्ट प्रमाण है। बैठक का मुख्य फोकस 'गैर-पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियां' (Non-traditional Security Challenges) पर है, जो पारंपरिक हथियारों से परे नए जमाने के जोखिमों को संबोधित करता है।

NSA अजीत डोभाल की अध्यक्षता में ब्रिक्स का नया एजेंडा

यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब भारत 11 सदस्यीय विस्तारित ब्रिक्स ब्लॉक (Expanded BRICS Bloc) की अध्यक्षता कर रहा है, जिसमें मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और यूएई (UAE) जैसे नए सदस्य भी शामिल हुए हैं। अजीत डोभाल की कमान में यह बैठक सितंबर में भारत में ही होने वाले मुख्य ब्रिक्स राष्ट्राध्यक्षों के शिखर सम्मेलन (BRICS Summit) के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक और सुरक्षात्मक आधार तैयार करेगी। एजेंडे में नई टेक्नोलॉजी (New Technology) के गलत इस्तेमाल और उभरते सुरक्षा जोखिमों पर गहन चर्चा होगी। इसमें आतंकवाद के खिलाफ एक नया चक्रव्यूह रचने पर भी जोर दिया जाएगा, जिसके तहत ब्रिक्स के काउंटर-टेररिज्म वर्किंग ग्रुप (Counter-Terrorism Working Group) और सूचना-संचार तकनीकों (Information and Communication Technologies - ICT) के सुरक्षित इस्तेमाल से संबंधित रिपोर्ट की समीक्षा की जाएगी।

बदलते वैश्विक समीकरणों में भारत की भूमिका

अजीत डोभाल की इस बैठक की अध्यक्षता कई मायनों में महत्वपूर्ण है। भारत एक तरफ पश्चिमी देशों के साथ मजबूत रणनीतिक साझेदारी (Strategic Partnership) जैसे क्वाड (Quad) का हिस्सा है, तो दूसरी तरफ रूस, चीन और ईरान जैसे उन देशों को भी एक मंच पर ला रहा है, जिन्हें अक्सर अमेरिका-विरोधी धुरी माना जाता है। यह भारत की स्वतंत्र विदेश नीति (Independent Foreign Policy) और बहुध्रुवीय विश्व (Multipolar World) में संतुलन बनाने की क्षमता को दर्शाता है। चीनी राजदूत शू फेईहोंग (Xu Feihong) का यह बयान कि चीन राजनीतिक तैयारी के लिए भारत के साथ समन्वय चाहता है, यह दर्शाता है कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (Line of Actual Control - LAC) विवाद के बावजूद चीन भारत के कूटनीतिक दबदबे को नजरअंदाज नहीं कर सकता। डोभाल का मुख्य लक्ष्य आतंकवाद और साइबर खतरों जैसे मुद्दों पर चीन और रूस को भारत के हितों के अनुकूल मोड़ना होगा।

इस बैठक के माध्यम से भारत एक मजबूत संदेश देना चाहता है कि वह सिर्फ पारंपरिक भू-राजनीतिक मुद्दों पर ही नहीं, बल्कि भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों पर भी वैश्विक नेतृत्व करने में सक्षम है। एआई (AI) और डीपफेक (Deepfake) जैसी तकनीकें जहाँ एक ओर मानव जीवन को आसान बना रही हैं, वहीं दूसरी ओर इनका दुरुपयोग वैश्विक स्थिरता के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। ऐसे में, ब्रिक्स जैसे बड़े मंच पर इन मुद्दों पर सामूहिक मंथन और समाधान खोजना अत्यंत आवश्यक है।

दिल्ली में होने वाली यह महाबैठक न केवल ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग को मजबूत करेगी, बल्कि सितंबर में होने वाले शिखर सम्मेलन के लिए एक स्पष्ट रोडमैप (Roadmap) भी तैयार करेगी। यह भारत को वैश्विक सुरक्षा संवाद (Global Security Dialogue) में एक केंद्रीय भूमिका निभाने का अवसर प्रदान करती है, जहाँ वह दुनिया के सबसे शक्तिशाली देशों को एक साथ लाकर भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए एकजुट कर रहा है।

*Image is AI-generated and used for representational purposes only.

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